जालंधर:पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी और 45 डिग्री सेल्सियस से अधिक के रिकॉर्ड तोड़ तापमान को देखते हुए जालंधर का स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गया है। गर्मी के प्रकोप से आम जनता को बचाने और आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए जिले के सभी सरकारी अस्पतालों, जिला अस्पताल, उपमंडल अस्पतालों और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) में विशेष ‘शीतलन वार्ड’ (Cooling Wards) स्थापित किए गए हैं।
सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने मंगलवार को जिले के नागरिकों के लिए एक विशेष एडवाइजरी जारी करते हुए ‘हीट वेव’ यानी लू से बचाव के लिए सतर्क रहने की अपील की है।
अस्पतों और एंबुलेंस में पुख्ता इंतजाम
मौसम विभाग की ओर से 18 से 24 मई तक पंजाब में भीषण लू चलने की चेतावनी (Red/Orange Alert) जारी की गई है। इसके मद्देनजर सभी सरकारी अस्पतालों के कूलिंग वार्ड्स में एयर कंडीशनर (AC), कूलर और जरूरी जीवन रक्षक दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसके साथ ही, जिले की सभी सरकारी एंबुलेंसों को भी हाई-टेक किया गया है। इनमें तापमान मापने वाले यंत्र, बर्फ के पैक (Ice Packs) और ओआरएस (ORS) के पर्याप्त पैकेट रखे गए हैं ताकि अस्पताल पहुंचने से पहले ही मरीज को रास्ते में प्राथमिक उपचार दिया जा सके।
लू (Heat Stroke) के मुख्य लक्षण
डॉ. गर्ग के अनुसार, धूप और लू की चपेट में आने पर शरीर में कई गंभीर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। इनमें तेज सिरदर्द होना, अचानक चक्कर आना, उल्टी या मतली महसूस होना, अत्यधिक बेचैनी और घबराहट होना शामिल है। इसके अलावा, लू लगने पर शरीर का तापमान अचानक बहुत बढ़ जाता है और चेहरा लाल होने लगता है। कई मामलों में मरीज बेहोशी की हालत में भी पहुंच जाता है।
आपातकालीन स्थिति में तुरंत किए जाने वाले उपाय (First Aid)
यदि किसी व्यक्ति में लू के लक्षण दिखाई दें, तो उसे तुरंत किसी ठंडी या छायादार जगह पर ले जाना चाहिए। मरीज के शरीर के तंग या भारी कपड़े तुरंत ढीले कर दें और उसके सिर व पूरे शरीर पर ठंडे पानी की पट्टियां रखें। स्वास्थ्य विभाग ने विशेष रूप से चेतावनी दी है कि यदि मरीज बेहोशी की हालत में हो, तो उसे मुंह से पानी, जूस या कोई भी अन्य तरल पदार्थ पिलाने की कोशिश बिल्कुल न करें, यह खतरनाक हो सकता है।
स्वास्थ्य विभाग की आम जनता को सलाह: क्या करें और क्या न करें?
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दोपहर में निकलने से बचें: लोग दोपहर के समय (विशेषकर 12 से 4 बजे के बीच) बहुत जरूरी न होने पर घरों से बाहर न निकलें।
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सिर को ढककर रखें: यदि धूप में बाहर जाना अनिवार्य हो, तो सिर को गीले कपड़े, पगड़ी, छाते या टोपी से अच्छी तरह ढककर ही निकलें।
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पहनावा: गर्मी के प्रभाव को कम करने के लिए हमेशा ढीले और हल्के रंग के सूती (Cotton) कपड़े पहनें।
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लिक्विड डाइट बढ़ाएं: शरीर में पानी की कमी (Dehydration) न होने दें। दिनभर में अधिक से अधिक पानी, लस्सी, नींबू-पानी (शिकंजी), गन्ने का रस और ओआरएस के घोल का सेवन करते रहें।
प्रशासन का सख्त निर्देश: जालंधर जिला प्रशासन ने सभी सामाजिक व सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजकों को निर्देश जारी किए हैं कि खुले मैदानों में होने वाली गतिविधियों के दौरान पर्याप्त छांव (टेंट) और ठंडे पीने के पानी की व्यवस्था अनिवार्य रूप से की जाए, ताकि किसी भी अनहोनी से बचा जा सके।