अमृतसर: पंजाब में नशा तस्करों के खिलाफ जारी ‘जीरो टॉलरेंस’ मुहिम के तहत अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग स्मगलिंग मॉड्यूल का भंडाफोड़ करते हुए दो शातिर तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 किलो आईस (मेथामफेटामाइन) और 4 किलो हेरोइन (कुल 14 किलो ड्रग्स) बरामद की है।
पंजाब के पुलिस महानिदेशक (DGP) गौरव यादव ने अपने सोशल मीडिया हैंडल ‘X’ पर इस कामयाबी की जानकारी साझा करते हुए पुलिस टीम की पीठ थपथपाई है।
दुबई और अबू धाबी से चल रहा था नेटवर्क
डीजीपी गौरव यादव के मुताबिक, प्राथमिक जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए आरोपी दुबई और अबू धाबी में बैठे एक बड़े इंटरनेशनल ड्रग माफिया के सीधे संपर्क में थे। विदेश में बैठा यह मुख्य तस्कर ही दोनों को निर्देश दे रहा था और उसी के इशारे पर पंजाब और दिल्ली में नशे की यह बड़ी खेप सप्लाई की जानी थी।
दुबई में मिली थी ड्रग तस्करी की ‘स्पेशल ट्रेनिंग’
जांच एजेंसियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में से एक हाल ही में दुबई से भारत लौटा था। चौंकाने वाली बात यह है कि उसे दुबई में ड्रग तस्करी के नेटवर्क को संभालने और पुलिस से बचने की बाकायदा ट्रेनिंग दी गई थी। भारत लौटने के बाद उसे आईस और हेरोइन की इस भारी खेप को पंजाब लाने और आगे माझा और दोआबा के इलाकों में सप्लाई करने का जिम्मा सौंपा गया था।
NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, आगे की जांच तेज
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कानूनी कार्रवाई: अमृतसर के थाना छेहरटा में आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली गई है।
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बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंकेज की जांच: पुलिस अधिकारी अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटे हैं। यह पता लगाया जा रहा है कि नशे की यह खेप भारत में किस रास्ते से पहुंची और दिल्ली व पंजाब में इनके मुख्य खरीदार कौन-कौन थे।
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वित्तीय जांच भी संभव: पुलिस यह भी खंगाल रही है कि इस नेटवर्क के जरिए अब तक कितने करोड़ के ड्रग्स की तस्करी की जा चुकी है और इसका पैसा (ड्रग मनी) कहां-कहां इन्वेस्ट किया गया।
पंजाब पुलिस का संकल्प: डीजीपी ने साफ संदेश दिया है कि राज्य को पूरी तरह नशामुक्त बनाने के लिए पंजाब पुलिस का अभियान और तेज किया जाएगा। ड्रग्स के इस अवैध काले कारोबार में शामिल किसी भी अपराधी या उनके मददगारों को कतई बख्शा नहीं जाएगा।
