श्री मुक्तसर साहिब: पंजाब में आज (20 मई) आम जनता को दवाइयों की किल्लत और भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऑनलाइन फार्मेसी (E-Pharmacies) के बढ़ते चलन और सरकार की मौजूदा नीतियों के विरोध में ‘पंजाब केमिस्ट एसोसिएशन’ ने आज राज्यभर में मेडिकल स्टोर बंद रखने का बड़ा फैसला लिया है। इस राष्ट्रव्यापी व राज्यव्यापी विरोध के तहत आज प्रदेश की अधिकांश दवा दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी।
क्यों हो रहा है विरोध? मुख्य कारण:
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ऑनलाइन दवा बिक्री से कारोबार ठप: श्री मुक्तसर साहिब केमिस्ट एसोसिएशन के प्रधान के अनुसार, तेजी से पैर पसार रही ऑनलाइन फार्मेसी के कारण पारंपरिक मेडिकल स्टोर संचालकों का धंधा मंदा हो रहा है।
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नकली दवाओं का खतरा: केमिस्टों का गंभीर आरोप है कि कई ऑनलाइन प्लेटफॉर्म नियमों को ताक पर रखकर दवाइयां बेच रहे हैं। इससे बाजार में नकली, एक्सपायर्ड और बिना डॉक्टरी पर्ची वाली प्रतिबंधित दवाओं की बाढ़ आने का खतरा बढ़ गया है, जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत से खिलवाड़ है।
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सरकारी नीतियों और ड्रग विभाग से नाराजगी: एसोसिएशन ने पंजाब सरकार और ड्रग विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। कारोबारियों का कहना है कि विभाग में पारदर्शिता की कमी है और लाइसेंस रिन्यूअल या नए लाइसेंस से जुड़े कामों में बेवजह की देरी कर केमिस्टों को परेशान किया जा रहा है।
केवल इमरजेंसी सेवाएं रहेंगी बहाल
मरीजों की सहूलियत को ध्यान में रखते हुए एसोसिएशन ने साफ किया है कि अस्पतालों के अंदर और केवल आपातकालीन (Emergency) सेवाएं देने वाले मेडिकल स्टोर ही खुले रहेंगे। इसके अलावा आम बाजारों की सभी दुकानें पूरी तरह बंद रहेंगी। केमिस्टों ने आम जनता से अपील की है कि वे अपनी जरूरी और नियमित दवाओं का प्रबंध पहले ही कर लें ताकि आपातकालीन स्थिति से बचा जा सके।
बड़ी चेतावनी: केमिस्ट संगठनों ने दो टूक शब्दों में कहा है कि यह सिर्फ एक सांकेतिक हड़ताल है। यदि सरकार और प्रशासन ने उनकी मांगों पर जल्द ही कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को अनिश्चितकालीन और अधिक उग्र किया जाएगा।