Punjab Desk: पंजाब की राजनीति में एक बड़ा धमाका करते हुए डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई सियासी पारी का आगाज कर दिया है। कांग्रेस से निष्कासन के बाद पिछले काफी समय से उनके भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई जा रही थीं, लेकिन अब उन्होंने अपनी खुद की नई राजनीतिक पार्टी ‘भारतीय राष्ट्रवादी पार्टी’ (भा.र.पा.) के गठन का एलान कर सभी चर्चाओं पर विराम लगा दिया है।
अटकलों पर लगाम, नई पार्टी का उदय
साल 2026 की शुरुआत में कांग्रेस से निकाले जाने के बाद से ही डॉ. नवजोत कौर सिद्धू के अगले कदम को लेकर कयासबाजी का दौर जारी था। नई पार्टी की घोषणा करते हुए उन्होंने स्पष्ट किया कि मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व के कामकाज का बारीकी से मूल्यांकन करने के बाद ही उन्होंने राष्ट्रीय स्तर पर एक नया विकल्प देने का फैसला किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किए अपने संदेश में ‘सत्य और प्रेम’ के आध्यात्मिक मार्ग पर चलते हुए देश सेवा का संकल्प दोहराया है।
पंजाब की ‘पुरानी पहचान’ लौटाने का लक्ष्य
पंजाब के संदर्भ में डॉ. सिद्धू ने भावुक होते हुए कहा कि उनकी प्राथमिकता राज्य को उसकी वह पुरानी गरिमा और पहचान दिलाना है, जहाँ प्यार, साझा संस्कृति, न्याय और सच्ची आजादी की भावना रची-बसी हो। उन्होंने ‘जनता की, जनता के लिए और जनता द्वारा’ सरकार के लोकतांत्रिक सिद्धांत पर जोर देते हुए कहा कि उनकी पार्टी पंजाब की खुशहाली के लिए समर्पित रहेगी।
राष्ट्रीय विस्तार की योजना
डॉ. नवजोत कौर सिद्धू अब समान विचारधारा वाले लोगों को एकजुट कर हर राज्य में अपनी पार्टी का विस्तार करने की तैयारी में हैं। उनका मुख्य एजेंडा न्याय, शांति और निस्वार्थ जनसेवा को बताया गया है। इस नए राजनीतिक मोर्चे के गठन से पंजाब समेत राष्ट्रीय राजनीति के समीकरणों में बदलाव आने की संभावना जताई जा रही है।