पंजाब की राजनीति में बड़ा विस्फोट: नवजोत कौर सिद्धू ने बनाई ‘भारत राष्ट्रीय पार्टी’, 37 दागी नेताओं की लिस्ट तैयार

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Punjab Desk: पंजाब की राजनीति में एक बड़ा धमाका करते हुए पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई राजनीतिक राह चुन ली है। कांग्रेस से निष्कासन के बाद उन्होंने न केवल नई पार्टी का ऐलान किया है, बल्कि पंजाब के दिग्गज नेताओं के खिलाफ मोर्चा भी खोल दिया है।

नई पार्टी का जन्म: ‘भारत राष्ट्रीय पार्टी’

डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी नई राजनीतिक पार्टी ‘भारत राष्ट्रीय पार्टी’ बनाने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब को वर्तमान राजनेताओं के चंगुल से निकालने और राज्य की खोई हुई शान वापस लाने के लिए एक नए राष्ट्रीय विकल्प की सख्त जरूरत थी। उनका कहना है कि उनकी पार्टी सच्चाई और प्यार के रास्ते पर चलकर जनता की सेवा करेगी।

37 ‘दागी’ नेताओं पर खुलासे की चेतावनी

एक अंग्रेजी अखबार को दिए इंटरव्यू में डॉ. सिद्धू ने पंजाब की सियासत में हड़कंप मचा दिया है। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पंजाब के 37 बड़े दागी नेताओं की सूची है, जिनके कारनामों का वह जल्द ही खुलासा करेंगी।

  • इन 37 नेताओं में 17 नेता अकेले कांग्रेस पार्टी से हैं।

  • उन्होंने आरोप लगाया कि ये सभी नेता पंजाब के हितों के खिलाफ काम कर रहे हैं।

  • हालांकि, उन्होंने अभी तक किसी भी नेता के नाम का खुलासा नहीं किया है, जिससे राजनीतिक गलियारों में बेचैनी बढ़ गई है।

पुराने जख्म और सनसनीखेज दावे

कांग्रेस छोड़ते वक्त डॉ. सिद्धू ने व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए थे। उन्होंने एक बार फिर उन दावों को हवा दी है कि पंजाब का मुख्यमंत्री बनने के लिए 500 करोड़ रुपये से भरा ब्रीफकेस चाहिए होता है। उन्होंने साफ कहा कि वह और उनके पति कभी भी ऐसी भ्रष्ट राजनीति का हिस्सा नहीं बन सकते।

नवजोत सिंह सिद्धू की भूमिका पर सस्पेंस

जहां डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने अपनी पार्टी का झंडा बुलंद कर दिया है, वहीं नवजोत सिंह सिद्धू फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए हुए हैं।

  • सूत्रों के अनुसार, सिद्धू अभी अपने एंटरटेनमेंट करियर (क्रिकेट कमेंट्री और शो) पर ध्यान दे रहे हैं।

  • कयास लगाए जा रहे हैं कि वह जल्द ही अपनी पत्नी की पार्टी में शामिल होकर इसकी कमान संभाल सकते हैं।

2027 के चुनाव पर असर

राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि 2027 के विधानसभा चुनाव से ठीक पहले डॉ. नवजोत कौर सिद्धू का यह कदम ‘सत्ता विरोधी’ (Anti-incumbency) वोटों को बांट सकता है। यह नई पार्टी पंजाब के पारंपरिक त्रिकोणीय मुकाबले को और भी दिलचस्प बना देगी।

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