चंडीगढ़: पंजाब राज्य निर्वाचन आयोग ने स्पष्ट किया है कि आगामी जिला परिषद और पंचायत समिति के चुनाव इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) की बजाय मतपत्रों (बैलेट पेपर) के जरिए कराए जाएंगे। अधिकारियों ने बताया कि इन चुनावों के लिए 40,000 से अधिक ईवीएम की जरूरत थी, लेकिन आयोग के पास पर्याप्त मशीनें उपलब्ध नहीं हैं और केंद्रीय चुनाव आयोग राज्यों को मशीनें आवंटित नहीं करता। इसलिए, राज्य भर के 19,181 मतदान केंद्रों पर दो अलग-अलग मतपेटियां रखी जाएंगी।
चुनाव में 50 प्रतिशत सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी। 21 वर्ष से अधिक आयु का कोई भी पंजीकृत मतदाता चुनाव लड़ सकेगा। नामांकन शुल्क जिला परिषद के लिए 400 रुपये और पंचायत समिति के लिए 200 रुपये तय किया गया है, जिसमें आरक्षित वर्गों को छूट मिलेगी। खर्च की सीमा जिला परिषद के लिए 2.55 लाख रुपये और पंचायत समिति के लिए 1.10 लाख रुपये है। चुनाव को निष्पक्ष कराने के लिए 96,000 पोलिंग स्टाफ और 50,000 पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे।
