हरियाणा कैबिनेट के बड़े फैसले: अग्निवीरों को 20% आरक्षण, मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ी और महिलाओं को राशन डिपो में कोटा

Haryana

चंडीगढ़ : नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आज यहां आयोजित कैबिनेट बैठक में अग्निवीर नीति, 2024 को मंजूरी दी गई। इस नीति का उद्देश्य अग्निवीरों के पुनर्वास, उन्हें रोजगार के अवसर उपलब्ध करवाने तथा वर्दीधारी सेवाओं और सुरक्षा से जुड़े पदों पर उनके कौशल का बेहतर उपयोग सुनिश्चित करना है।

साथ ही, उन्हें हरियाणा सरकार के अधीन सेवाओं/पदों—जैसे फॉरेस्ट गार्ड, वार्डर और माइनिंग गार्ड—में दिए जा रहे 10 प्रतिशत हॉरिजॉन्टल आरक्षण को बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया। वहीं, राज्य सरकार ने श्रमिक वर्ग के हित में बड़ा फैसला लेते हुए अकुशल श्रमिकों की न्यूनतम मजदूरी बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रति माह कर दी है। यह निर्णय विधानसभा के बजट सत्र में एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों के आधार पर लिया गया।

रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन, एफएआर बढ़ाकर 3.0 किया
बैठक में हरियाणा शहरी क्षेत्र विकास एवं विनियमन अधिनियम, 1975 के तहत लाइसेंस देकर संचालित रिटायरमेंट हाउसिंग पॉलिसी में संशोधन को मंजूरी दी गई। बढ़ती वृद्धजन आबादी को ध्यान में रखते हुए और टीडीआर नीति, 2021 के प्रावधानों के अनुरूप, रिटायरमेंट हाउसिंग कॉलोनियों के लिए फ्लोर एरिया रेशियो (एफएआर) को बढ़ाने का निर्णय लिया गया। अब टीडीआर के माध्यम से अतिरिक्त एफएआर को मौजूदा 2.25 से बढ़ाकर 3.0 कर दिया गया है।

राशन डिपो में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए उचित मूल्य की दुकानों के लाइसेंस आवंटन में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान मंजूर किया गया। इसका उद्देश्य महिलाओं की भागीदारी बढ़ाना और प्रणाली को अधिक समावेशी बनाना है।

उचित मूल्य की दुकान के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य
अब उचित मूल्य की दुकान का लाइसेंस लेने के लिए न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता 12वीं पास निर्धारित की गई है। इसके साथ ही आवेदक को कंप्यूटर का बेसिक ज्ञान होना जरूरी होगा। आयु सीमा 21 से 45 वर्ष तय की गई है तथा आवेदक के पास वैध परिवार पहचान पत्र और संबंधित क्षेत्र का निवासी होना अनिवार्य होगा।

पंजाब कोर्ट्स एक्ट, 1918 में संशोधन
कैबिनेट ने पंजाब कोर्ट्स एक्ट, 1918 की धारा 30 में संशोधन को मंजूरी दी। इस संशोधन का उद्देश्य पुराने कानूनी प्रावधानों को अपडेट करना और कानूनी जटिलताओं को दूर करना है। अब इंडियन सक्सेशन एक्ट 1865 और प्रोबेट एंड एडमिनिस्ट्रेशन एक्ट 1881 की जगह इंडियन सक्सेशन एक्ट 1925 लागू किया गया है।

निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह से रास्ता
बैठक में हरियाणा ग्राम साझा भूमि (विनियमन) नियम, 1964 में संशोधन करते हुए निजी परियोजनाओं के लिए शामलात देह (सांझा भूमि) से रास्ता देने की नीति को मंजूरी दी गई। इन संशोधित नियमों को हरियाणा ग्राम सांझा भूमि (विनियमन) संशोधन नियम, 2026 कहा जाएगा। यह रास्ता पंचायत के स्वामित्व में रहेगा और आम जनता के उपयोग के लिए खुला होगा।

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