Haryana News: अनिल विज ने बुधवार को हुई कैबिनेट बैठक के बाद जानकारी देते हुए बताया कि सरकार ने प्रदेश के कामगारों के हित में उनके न्यूनतम वेतन में बड़ी बढ़ोतरी की है। यह नया वेतनमान 1 अप्रैल 2026 से लागू माना जाएगा। सरकार के अनुसार, नए लेबर कोड लागू होने के बाद हरियाणा देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां मजदूरों के वेतन में इतना बड़ा इजाफा किया गया है।
इस फैसले का सबसे अधिक लाभ अकुशल मजदूरों को मिलेगा, जिन्हें पहले 11,274 रुपये प्रति माह मिलते थे। अब उनका न्यूनतम वेतन बढ़ाकर 15,220 रुपये प्रति माह कर दिया गया है।
कुशल और अर्ध-कुशल श्रमिकों के वेतन में भी बढ़ोतरी
सरकार ने सभी श्रेणियों के कामगारों के वेतन में वृद्धि की है। अर्ध-कुशल श्रमिकों का वेतन अब 12,430 रुपये से बढ़ाकर 16,780 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। वहीं, कुशल श्रमिकों को अब 13,704 रुपये की जगह 18,500 रुपये प्रति माह मिलेंगे।
अत्यधिक कुशल (हाई-स्किल्ड) श्रमिकों के वेतन में भी बड़ा इजाफा किया गया है। उनका वेतन 14,389 रुपये से बढ़ाकर 19,425 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। कुल मिलाकर, मजदूरों के वेतन में लगभग 35 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है, जिससे उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति में सुधार आने की उम्मीद है।
विशेषज्ञ समिति की सिफारिशों पर लिया गया निर्णय
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि विधानसभा के बजट सत्र के दौरान न्यूनतम वेतन बढ़ाने के लिए एक विशेषज्ञ समिति का गठन किया गया था। इसी समिति ने अपनी रिपोर्ट में वेतन वृद्धि की सिफारिश की, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
सरकार का मानना है कि बढ़ती महंगाई के चलते मजदूरों के लिए घर चलाना मुश्किल हो रहा था। ऐसे में उनकी आय बढ़ाकर उन्हें आर्थिक राहत देने के उद्देश्य से यह फैसला लिया गया है। अब सरकारी और निजी दोनों क्षेत्रों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों को इस फैसले का सीधा लाभ मिलेगा।