आदमपुर (जालंधर): बाबा साहिब अंबेडकर की जयंती के अवसर पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने पंजाब की महिलाओं के लिए एक ऐतिहासिक कल्याणकारी योजना का ऐलान किया है। इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की महिलाओं को उनकी श्रेणी के आधार पर ₹1000 से ₹1500 तक की मासिक वित्तीय सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जाएगी।
योजना की मुख्य विशेषताएं
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किसे क्या मिलेगा: सामान्य और अन्य वर्गों की महिलाओं को ₹1000 प्रति माह, जबकि अनुसूचित जाति (SC) की महिलाओं को ₹1500 प्रति माह मिलेंगे।
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कब से शुरू होगा भुगतान: योजना का लाभ जुलाई 2026 से मिलना शुरू होगा।
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बकाया (Arrears) की गारंटी: यदि कोई महिला देर से पंजीकरण (जैसे अगस्त या सितंबर में) करवाती है, तो भी उसे जुलाई से लेकर अब तक का पूरा पिछला भुगतान दिया जाएगा।
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SC प्रमाणपत्र का विशेष प्रावधान: जिन महिलाओं के पास फिलहाल जाति प्रमाणपत्र नहीं है, वे भी पंजीकरण करा सकती हैं। उन्हें ₹1000 मिलते रहेंगे और प्रमाणपत्र जमा करते ही जुलाई से बचा हुआ ₹500 का बकाया भी दे दिया जाएगा।
पंजीकरण प्रक्रिया और जरूरी दस्तावेज
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन के लिए केवल तीन मुख्य दस्तावेजों की आवश्यकता होगी:
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आधार कार्ड (पंजाब के पते वाला)
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वोटर आईडी कार्ड (पंजाब का)
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बैंक पासबुक (अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए SC प्रमाणपत्र आवश्यक है)
चरणबद्ध तरीके से लागू होगी योजना
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पहला चरण (9 हलके): आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती में पंजीकरण शुरू हो चुका है।
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दूसरा चरण (शेष 108 हलके): 15 मई से पंजाब के बाकी सभी हलकों में रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
‘महिला सतिकार सखी’: आपके द्वार पर सुविधा
सरकार ने इस योजना को घर-घर पहुंचाने के लिए एक विशाल नेटवर्क तैयार किया है:
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26,000 पंजीकरण केंद्र: आंगनवाड़ी केंद्रों, सेवा केंद्रों और नगर निगम कार्यालयों में फॉर्म जमा किए जा सकेंगे।
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सतिकार सखियां: हर गांव और वार्ड में समर्पित ‘महिला सतिकार सखियां’ तैनात की जाएंगी। ये सखियां महिलाओं के घर जाकर फॉर्म भरने में मदद करेंगी और यदि किसी के पास वोटर आईडी या बैंक खाता नहीं है, तो उसे बनवाने में भी सहायता करेंगी।
मुख्यमंत्री का विजन: वित्तीय आजादी
मुख्यमंत्री भगवंत मान और मनीष सिसोदिया ने इस पहल को देश की सबसे बड़ी सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक बताया। सीएम मान ने कहा:
“यह योजना राज्य की 97% महिलाओं को कवर करेगी। हमारा उद्देश्य महिलाओं को छोटी-छोटी जरूरतों के लिए दूसरों पर निर्भर रहने के बजाय उन्हें वित्तीय रूप से स्वतंत्र और सशक्त बनाना है।”
यह योजना न केवल महिलाओं के जीवन स्तर को सुधारेगी, बल्कि उन्हें समाज में निर्णय लेने की प्रक्रिया में भी अधिक मजबूत बनाएगी।