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Dharam Desk: कलयुग में हनुमान जी को ‘जाग्रत देव’ माना गया है। शास्त्रों के अनुसार, वे अष्ट सिद्धि और नौ निधि के दाता हैं और अपने भक्तों के संकटों को हरने वाले ‘संकटमोचन’ हैं। हनुमान जी की कृपा प्राप्त करना बहुत कठिन नहीं है, क्योंकि वे केवल सच्ची भक्ति और सरल हृदय के भूखे हैं।

यहाँ हनुमान जी की विशेष कृपा प्राप्त करने के मुख्य मार्ग बताए गए हैं:

1. श्रीराम नाम का जप: सबसे सरल मार्ग

हनुमान जी की भक्ति का द्वार भगवान श्री राम के नाम से होकर गुजरता है। हनुमान जी स्वयं भगवान राम के परम भक्त हैं। जहाँ राम कथा होती है या जहाँ ‘राम’ नाम का संकीर्तन होता है, वहाँ हनुमान जी अदृश्य रूप में उपस्थित रहते हैं। यदि आप नियमित रूप से “राम-राम” नाम का जप करते हैं, तो हनुमान जी की कृपा आप पर स्वाभाविक रूप से बरसने लगती है।

2. हनुमान चालीसा और सुंदरकांड का पाठ

नियमित रूप से हनुमान चालीसा का पाठ करना एक रक्षा कवच की तरह कार्य करता है।

  • हनुमान चालीसा: प्रतिदिन सुबह या शाम को एक या तीन बार इसका पाठ करें।

  • सुंदरकांड: शनिवार या मंगलवार को सुंदरकांड का पाठ करने से जीवन की बड़ी से बड़ी बाधाएं दूर हो जाती हैं। यह हनुमान जी के पराक्रम और उनकी बुद्धि का गुणगान है, जो भक्त के भीतर आत्मविश्वास जगाता है।

3. ब्रह्मचर्य और पवित्रता का पालन

हनुमान जी बाल ब्रह्मचारी हैं, इसलिए उनकी पूजा में शारीरिक और मानसिक पवित्रता अत्यंत आवश्यक है।

  • शुद्ध सात्विक भोजन ग्रहण करें (मांसाहार और नशीले पदार्थों से पूर्णतः दूर रहें)।

  • मंगलवार और शनिवार के दिन विशेष रूप से ब्रह्मचर्य का पालन करें।

  • मन में किसी के प्रति द्वेष या बुरे विचार न लाएं।

4. मंगलवार और शनिवार का विशेष पूजन

ये दो दिन हनुमान जी की आराधना के लिए समर्पित हैं। इन दिनों में मंदिर जाकर:

  • सिंदूर अर्पण: हनुमान जी को चमेली के तेल के साथ सिंदूर (चोला) चढ़ाएं। इससे वे अत्यंत प्रसन्न होते हैं।

  • भोग: उन्हें बूंदी के लड्डू, चने और गुड़ का भोग लगाएं।

  • दीपक: चमेली के तेल या शुद्ध घी का दीपक जलाएं।

5. सेवा और समर्पण (मानवता की सेवा)

हनुमान जी ‘सेवा’ के प्रतीक हैं। उनकी कृपा पाने का एक गुप्त मार्ग असहायों की मदद करना है।

  • बंदरों को गुड़ और चने खिलाना।

  • गरीबों और जरूरतमंदों की निस्वार्थ सेवा करना।

  • अहंकार का त्याग कर स्वयं को ईश्वर के चरणों में समर्पित कर देना।

हनुमान जी को प्रसन्न करने के मंत्र

यदि आप विशेष मनोकामना पूर्ति चाहते हैं, तो इन मंत्रों का जप कर सकते हैं:

  1. “ॐ हं हनुमते नमः” (साधारण जप के लिए)

  2. “मनोजवं मारुततुल्यवेगं, जितेन्द्रियं बुद्धिमतां वरिष्ठम्।” (बौद्धिक क्षमता बढ़ाने हेतु)

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