महाशिवरात्रि पर जरूर करें शिवपूजन, बरसेगी कृपा

Dharam

जालंधऱः आज महाशिवरात्रि है और शिवभक्त शिवालयों में महादेव का पूजन करने के लिए उमड़े हुए हैं। महाशिवरात्रि भगवान शिव को समर्पित एक अत्यंत पावन पर्व है, जो फाल्गुन मास की कृष्ण चतुर्दशी को मनाया जाता है।

यह रात्रि शिव और शक्ति के दिव्य मिलन का प्रतीक मानी जाती है। मान्यता है कि इस दिन व्रत, जागरण और पूजा करने से जीवन के पापों का क्षय होता है और आत्मिक शुद्धि प्राप्त होती है। ज्योतिष शास्त्र का शिवोपासना से घनिष्ठ सम्बन्ध है, शिवलिंग ब्रह्माण्ड का प्रतीक है और ब्रह्माण्ड में सभी ग्रह समाहित हैं। प्रत्येक ग्रह के शमन के लिए शिव पूजन की विशेष विधि शास्त्रों में वर्णित है।

जन्मकुण्डली का प्रथम भाव शिव और सप्तम भाव पार्वती हैं। ज्योतिष शास्त्र में समय यानि काल का अध्ययन किया जाता है, काल शिव के सिवा किसी के वशीभूत नहीं हैं, शिवजी कालों के काल महाकाल हैं। महाशिवारात्रि के दिन शिव आराधना कर सरलतापर्वूक कष्टों से मुक्ति पाई जा सकती है। शिव आदि-अनादि है, सृष्टि के विनाश व पुनःस्थापन के बीच की कड़ी है। संसार में जितने भी देवताओं का वर्णन शास्त्र और पुराण आदि में आता है, उसमें देवों के देव महादेव ही मात्र एक ऐसे देवता हैं जो सर्व साधारण व्यक्ति के सुलभ हैं. जिनका गंगाजल की मात्र एक बूंद से भी अभिषेक किया जा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *