मौत का पूर्वाभास! अंतिम समय आने से पहले ही ये जानवर छोड़ देते हैं खाना-पीना; जानें क्या कहता है विज्ञान

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Dharam ।। प्रकृति रहस्यों से भरी है, और इनमें से सबसे बड़ा रहस्य है ‘मृत्यु का अहसास’। इंसानों के लिए मौत कब आएगी, यह बता पाना मुश्किल है, लेकिन जीव-जंतुओं की दुनिया में कुछ ऐसे जानवर हैं जिन्हें अपनी मृत्यु का आभास कई दिन पहले ही हो जाता है। जैविक शोध और पशु व्यवहार विशेषज्ञों (Zoologists) के अनुसार, मौत से लगभग 5 से 7 दिन पहले ये जानवर कुछ खास संकेत देने लगते हैं।

1. हाथियों का विदाई का तरीका

हाथी दुनिया के सबसे बुद्धिमान और भावुक जानवरों में गिने जाते हैं। जब किसी बूढ़े या बीमार हाथी को लगता है कि उसका अंतिम समय निकट है, तो वह:

  • झुंड से दूरी: वह अपने परिवार और झुंड को छोड़कर किसी सुनसान जगह या पानी के स्रोत के पास चला जाता है।

  • भोजन का त्याग: अंतिम दिनों में वे खाना-पीना लगभग पूरी तरह बंद कर देते हैं।

  • तथ्य: ऐसा माना जाता है कि हाथी ‘एलिफेंट ग्रेवयार्ड’ (हाथियों का कब्रिस्तान) की तलाश में निकलते हैं, हालांकि वैज्ञानिक इसे थकावट और शांति की तलाश मानते हैं।

2. कुत्तों की वफादारी और अंतिम संकेत

कुत्ते अपने मालिकों के बेहद करीब होते हैं, लेकिन मौत के करीब आने पर उनका व्यवहार बदल जाता है:

  • अकेलेपन की तलाश: मरता हुआ कुत्ता अक्सर घर के किसी अंधेरे कोने, सोफे के नीचे या झाड़ियों में छिपने की कोशिश करता है।

  • सुस्ती और अरुचि: वे अपनी पसंदीदा चीजों से भी दूर हो जाते हैं और आंखों में एक अजीब सी शांति या शून्यता दिखने लगती है।

3. बिल्लियों का ‘गायब’ हो जाना

बिल्लियाँ अपनी मृत्यु को लेकर बहुत निजी (Private) होती हैं।

  • सुरक्षित स्थान: जब बिल्ली को आभास होता है कि वह अब नहीं बचेगी, तो वह घर से बाहर निकल जाती है या किसी ऐसी जगह छिप जाती है जहाँ उसे कोई ढूंढ न सके।

  • कारण: जीव विज्ञानियों का मानना है कि बीमार होने पर जानवर खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं और शिकारियों से बचने के लिए छिप जाते हैं।

4. चिम्पांजी: शोक और समझ

चिम्पांजी इंसानों के सबसे करीब हैं। रिसर्च में पाया गया है कि मौत से कुछ दिन पहले वे:

  • गहरी खामोशी: बहुत ज्यादा शांत हो जाते हैं और अन्य चिम्पांजी उन्हें ज्यादा समय और ध्यान देने लगते हैं।

  • कमजोरी का अहसास: वे ऊंची जगहों पर चढ़ना बंद कर देते हैं और जमीन पर ही आराम करते हैं।


ऐसा क्यों होता है? (वैज्ञानिक कारण)

वैज्ञानिकों के अनुसार, जानवरों में ‘केमिकल सिग्नल’ (Chemical Signals) पकड़ने की गजब की क्षमता होती है।

  1. अंगों का काम बंद करना: जब शरीर के अंग (Organs) फेल होने लगते हैं, तो शरीर से एक खास तरह की गंध और फेरोमोन्स निकलते हैं, जिन्हें जानवर महसूस कर लेते हैं।

  2. ऊर्जा का संरक्षण: भोजन छोड़ना शरीर की एक स्वाभाविक प्रक्रिया है ताकि शरीर अपनी बची हुई ऊर्जा को केवल सांस लेने में इस्तेमाल कर सके।

  3. प्राकृतिक अंतर्ज्ञान (Intuition): जंगली जानवरों में यह एक सुरक्षा तंत्र है ताकि उनकी मौत की गंध से शिकारी उनके बाकी झुंड तक न पहुँचें।

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