चंडीगढ़: पंजाब में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए एक बेहद शानदार खबर है। राज्य की सार्वजनिक स्वास्थ्य देखभाल प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने 672 स्टाफ नर्सों की बंपर भर्ती के लिए आधिकारिक विज्ञापन जारी कर दिया है। सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर चिकित्सा सेवाएं मुहैया कराने के उद्देश्य से उठाए गए इस कदम से युवाओं को रोजगार का एक बड़ा अवसर मिलेगा। योग्य उम्मीदवार इस भर्ती के लिए फरीदकोट स्थित बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज (BFUHS) के आधिकारिक ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से अपना आवेदन कर सकेंगे।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग, पंजाब के अधीन निकाली गई इन बंपर रिक्तियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया कल यानी 13 मार्च 2026 से शुरू होने जा रही है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 02 अप्रैल 2026 तक यूनिवर्सिटी की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना फॉर्म जमा कर सकते हैं। यह नई भर्ती प्रक्रिया पहले से मंजूर की गई 406 स्टाफ नर्सों की भर्ती (जिनमें से 275 को नियुक्ति पत्र दिए जा चुके हैं) से बिल्कुल अलग है। इससे पहले इसी साल जनवरी महीने में भी मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने 282 नई चयनित नर्सों को नियुक्ति पत्र सौंपे थे। सरकार का लक्ष्य अस्पतालों में मेडिकल स्टाफ की कमी को पूरी तरह से खत्म करना है।
स्वास्थ्य सेवा कार्यबल को मजबूत करने की सरकार की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए पंजाब के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि भगवंत मान सरकार पूरे राज्य में स्वास्थ्य ढांचे को विश्वस्तरीय बनाने के लिए दिन-रात काम कर रही है। उन्होंने बताया कि सरकारी अस्पतालों में पहले ही बड़ी संख्या में डॉक्टरों, विशेषज्ञों और पैरामेडिकल स्टाफ की भर्ती की जा चुकी है। अब इन 672 अतिरिक्त स्टाफ नर्सों की भर्ती से प्राथमिक और माध्यमिक स्वास्थ्य देखभाल सेवाओं को नई ताकत मिलेगी। इससे सरकारी अस्पतालों में ओपीडी और आईपीडी का बढ़ता बोझ कम होगा, साथ ही जच्चा-बच्चा स्वास्थ्य सेवाओं और मरीजों की देखभाल के स्तर में भी अभूतपूर्व सुधार देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार लगातार स्वास्थ्य सुविधाओं का बड़े पैमाने पर विस्तार कर रही है। बीते कुछ समय में राज्य में 1500 से अधिक नए डॉक्टरों (600 विशेषज्ञ और 948 जनरल) की नियुक्ति की गई है, जो पंजाब के कुल सेवारत डॉक्टरों का लगभग 35 प्रतिशत है। इसके अलावा, आम आदमी क्लीनिकों का एक विशाल नेटवर्क तैयार किया गया है। सरकारी अस्पतालों में 300 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से मुफ्त दवाइयां और आधुनिक मेडिकल उपकरण भी उपलब्ध कराए गए हैं। इसके साथ ही, स्वास्थ्य योजना के तहत पंजाब के हर परिवार को प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का मुफ्त स्वास्थ्य बीमा कवर भी दिया जा रहा है, ताकि किसी भी नागरिक को गंभीर बीमारी के इलाज के लिए आर्थिक तंगी का सामना न करना पड़े।
