Sports Desk: शुक्रवार को दिल्ली कैपिटल्स के खिलाफ मिली हार के बाद राजस्थान रॉयल्स के कप्तान रियान पराग काफी निराश नजर आए। मैच के बाद उनकी आँखें नम थीं। हालांकि पराग ने 90 रनों की तूफानी पारी खेलकर फॉर्म में वापसी के संकेत दिए, लेकिन उनकी टीम 225 रनों का विशाल स्कोर बचाने में नाकाम रही। दिल्ली के सलामी बल्लेबाजों, केएल राहुल और पथुम निसांका ने 110 रनों की ओपनिंग पार्टनरशिप कर मैच को राजस्थान की पकड़ से दूर कर दिया।
गलत फैसलों ने बिगाड़ा खेल?
मैच के बाद रियान पराग ने स्वीकार किया कि टीम से कुछ रणनीतिक चूक हुई। विशेष रूप से बल्लेबाजी क्रम को लेकर सवाल उठे:
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फेरीरा बनाम जडेजा: राजस्थान ने इन-फॉर्म बल्लेबाज डोनोवन फेरीरा से पहले रवींद्र जडेजा को क्रीज पर भेजा। जडेजा सेट होने के बाद आउट हो गए, जबकि फेरीरा को अंत में सिर्फ 14 गेंदें मिलीं।
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फेरीरा का धमाका: फेरीरा ने मात्र 14 गेंदों में 335 की स्ट्राइक रेट से नाबाद 47 रन ठोक दिए। यदि उन्हें पहले भेजा जाता, तो राजस्थान का स्कोर 250 के पार जा सकता था।
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पराग का तर्क: कप्तान ने कहा कि लेफ्ट-राइट कॉम्बिनेशन और स्पिनरों के खिलाफ रणनीति के चलते उन्होंने फिनिशर्स को रोक कर रखा था, जो शायद सही साबित नहीं हुआ।
गेंदबाजी और स्कोर पर प्रतिक्रिया
पराग ने माना कि 225 का स्कोर बचाव के लिए पर्याप्त था। उन्होंने कहा, “200 से अधिक रन बनाना हमेशा अच्छा होता है। मुझे लगा कि यह एक जीत दिलाने वाला स्कोर था, लेकिन बीच के ओवरों में हमारी गेंदबाजी उम्मीद के मुताबिक नहीं रही। हमें वहां और बेहतर अनुशासन दिखाना चाहिए था।”
चोट और आलोचकों को जवाब
मैच के दौरान रियान पराग की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव आ गया था, जिससे फैंस की चिंता बढ़ गई है। अपनी चोट पर अपडेट देते हुए उन्होंने कहा, “उम्मीद है कि चोट गंभीर नहीं है। एक हफ्ते के आराम से मैं ठीक हो जाऊंगा।”
जब उनसे उनकी फॉर्म और आलोचकों के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा, “मुझे किसी को कोई जवाब देने की जरूरत नहीं है। मेरा काम रन बनाना है, लेकिन दुख इस बात का है कि मेरी पारी टीम के काम नहीं आई और हम मैच हार गए।”
मैच का सारांश:
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रियान पराग: 90 रन (फॉर्म में वापसी)।
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डोनोवन फेरीरा: 47* रन (14 गेंदें)।
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दिल्ली की जीत: केएल राहुल (75) और निसांका (62) की बदौलत 7 विकेट से जीत।
पराग का भावुक होना यह दर्शाता है कि वे अपनी कप्तानी और टीम के प्रदर्शन को लेकर कितने गंभीर हैं। अब देखना होगा कि अगले मैच में राजस्थान अपनी इन गलतियों से क्या सीख लेती है।