Haryana Desk: फरीदाबाद के एनआइटी ब्लॉक स्थित एक सरकारी स्कूल में आठवीं कक्षा के छात्र के साथ हुए कथित यौन शोषण के मामले में पुलिस जांच ने एक नया मोड़ ले लिया है। पुलिस द्वारा जुटाए गए साक्ष्यों और जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर अब इस मुकदमे को रद्द करने की संभावना जताई जा रही है।
जांच में सामने आए नए और चौंकाने वाले तथ्य
पुलिस जांच के दौरान कई ऐसी बातें सामने आई हैं जो शुरुआती आरोपों पर सवाल खड़े करती हैं:
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मेडिकल रिपोर्ट में पुष्टि नहीं: छात्र की मेडिकल जांच रिपोर्ट में डॉक्टरों ने यौन शोषण की स्पष्ट पुष्टि नहीं की है। रिपोर्ट के अनुसार, बच्चे के शरीर पर किसी भी तरह की चोट, सूजन या खरोंच के निशान नहीं पाए गए हैं। अब इस रिपोर्ट को अंतिम राय के लिए मेडिकल बोर्ड के पास भेजा जाएगा।
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आरोपी छात्र की अनुपस्थिति: जांच में पता चला है कि जिन छात्रों पर आरोप लगाए गए थे, उनमें से एक छात्र घटना वाले तीनों दिन स्कूल से गैरहाजिर था। स्कूल के हाजिरी रजिस्टर में उसकी अनुपस्थिति दर्ज है।
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आरोपी की पहचान नहीं: शिकायत में जिस दसवीं कक्षा के छात्र का जिक्र किया गया था, शिकायतकर्ता छात्र अभी तक उसकी पहचान नहीं कर पाया है।
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स्वास्थ्य संबंधी जानकारी: जांच के दौरान यह भी पता चला कि शिकायतकर्ता छात्र की पहले दो बार दिल की सर्जरी हो चुकी है।
जांच में सहयोग की कमी
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्र और उसके पिता जांच प्रक्रिया में पूरी तरह सहयोग नहीं कर रहे हैं, जिसके कारण मामले की कड़ियों को जोड़ने में बाधा आ रही है। पुलिस अब डॉक्टरों के बोर्ड की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है, जिसके बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
क्या था मामला?
बता दें कि 24 अप्रैल को आठवीं कक्षा के एक छात्र ने आरोप लगाया था कि स्कूल के वॉशरूम में उसके दो सहपाठियों और एक सीनियर छात्र ने उसका यौन शोषण किया। इस शिकायत के बाद पुलिस ने दो नाबालिग छात्रों को बाल सुधार गृह भी भेज दिया था, लेकिन अब जांच की दिशा पूरी तरह बदलती नजर आ रही है।