राव इंद्रजीत की सियासत का अंत? इंद्रजीत को ‘घर’ बैठाने की साजिश?

Haryana

दोस्तों, क्या हरियाणा BJP में ‘राव राज’ का अंत होने वाला है? एक तरफ केंद्रीय मंत्री राव इंदरजीत सिंह, जिन्हें ‘छोटे दिल वाला’ और ‘अहीर समाज का ठेकेदार’ कहा जा रहा है! दूसरी तरफ मंत्री राव नरबीर सिंह और पूर्व मंत्री अभय यादव, जो खुलकर हमला कर रहे हैं। क्या ये BJP का प्लान है इंदरजीत को साइडलाइन करने का? आज हम खोलेंगे अहीरवाल की इस सियासी जंग के सारे राज़!

राव Vs राव

राव नरबीर सिंह कहते हैं – ‘इंदरजीत को उम्र का तकाजा है, वे पुरानी हार भूल गए। मैंने 26 साल की उम्र में उनके गढ़ जाटूसाना में हराया था!’ अभय यादव और तीखे बोले – ‘इंदरजीत छोटे दिल वाले हैं, अहीरवाल में उनका राजघराना खत्म होना चाहिए!’ इंदरजीत का जवाब? ‘नरबीर 55 दिन जेल में रहा भ्रष्टाचार के केस में!’ वाह, क्या ड्रामा!

अहीरवाल का किंग कौन?

“दोस्तों, ये जंग दिसंबर से चली आ रही है। नरबीर सिंह तीन बड़े बयान दे चुके: पहला, मेरी मदद के बिना इंदरजीत नहीं जीत पाते। दूसरा, इंदरजीत को इतना सम्मान मिला जितना किसी को नहीं। तीसरा, वे मेरी हार भूल गए। अभय यादव कहते हैं – इंदरजीत विकास नहीं करा पाते, सीएम बनने के सपने देखते हैं। इंदरजीत भी चुप नहीं – कहते हैं, हम सरकार बनाते हैं, लेकिन इनाम नहीं मिलता। उनकी बेटी आरती राव डिफेंड करती हैं – पापा का कद इतना बड़ा है कि नरबीर की जरूरत नहीं! लेकिन पार्टी चुप क्यों? BJP प्रेसिडेंट मोहन लाल बड़ौली कहते हैं – संज्ञान लेंगे, लेकिन अभी तक एक्शन जीरो!

पॉलिटिकल एनालिस्ट नरेश चौहान कहते हैं  बीजेपी इंदरजीत को ‘घर बैठाने’ की तैयारी में है, इसलिए नरबीर को फ्री हैंड दे रही है ! वरिष्ठ पत्रकार सतीश त्यागी का कहना है : ये अहीरवाल का बड़ा नेता बनने की होड़ है। अभय अपना वजूद बचाने के लिए लड़ रहे। 2024 चुनाव में अहीरवाल ने BJP को 10 सीटें दीं, लेकिन इंदरजीत क्रेडिट लेते हैं, जो पार्टी को पसंद नहीं!

क्यों हो रही ये जंग?

इंदरजीत की तीन वजह: पार्टी लाइन से हटकर बोलना, गुटबाजी बढ़ाना, और सीएम बनने की महत्वाकांक्षा। 75 साल के हो चुके हैं, रिटायरमेंट की आहट से मुखर हो गए। बेटी आरती को उत्तराधिकारी बनाना चाहते हैं। नरबीर और अभय को पार्टी का साथ? हो सकता है, क्योंकि अहीरवाल में कोई एक डोमिनेंट न हो। 2025 चुनाव पर असर? वोट बैंक स्प्लिट हो सकता है, BJP कमजोर!

“दोस्तों, क्या इंदरजीत का राज खत्म? या ये सिर्फ पावर गेम? BJP हाईकमान कब एक्शन लेगी? कमेंट में अपनी राय दो – इंदरजीत रहेंगे या जाएंगे?तो ये थी अहीरवाल की सियासी जंग की इनसाइड स्टोरी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *