Punjab Desk: उत्तर भारत में सक्रिय हुए पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) के कारण मौसम ने करवट ली है। पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में हुई तेज आंधी और बारिश ने जहाँ एक ओर भीषण गर्मी से राहत दी है, वहीं दूसरी ओर खेती और जनजीवन को नुकसान भी पहुँचाया है। रविवार को पंजाब और हरियाणा के कई हिस्सों में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी ने काफी तबाही मचाई। कई जिलों में पेड़, बिजली के खंभे और होर्डिंग्स गिर गए, जिससे बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई।
प्रमुख क्षेत्रों में वर्षा की स्थिति
पंजाब और हिमाचल में हुई भारी बारिश के आंकड़े इस प्रकार हैं:
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पालमपुर: 38.0 मिमी
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लुधियाना: 25.6 मिमी
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चंडीगढ़: 23.7 मिमी
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मोहाली: 20.9 मिमी
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अमृतसर: 2.2 मिमी
पहाड़ों पर बर्फबारी और सैलानियों की मौज
हिमाचल प्रदेश के ऊंचे इलाकों जैसे रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला में ताजा हिमपात हुआ है। धर्मशाला में ओलावृष्टि के बाद मौसम सुहावना हो गया है। इस बदलाव से मनाली और शिमला जैसे पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। मनाली के होटलों में ऑक्यूपेंसी 75% तक पहुँच गई है।
हरियाणा और दिल्ली-NCR का हाल
हरियाणा के सिरसा और भिवानी में ओले गिरे हैं, जबकि हिसार, फतेहाबाद और महेंद्रगढ़ में देर रात तेज आंधी के साथ बारिश हुई। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे तापमान 31 से 34 डिग्री के बीच रहने की उम्मीद है।
नुकसान और चुनौतियां
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कृषि: पंजाब और हरियाणा की मंडियों में खुले में पड़ा गेहूं भीगने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। हिमाचल में आंधी से बागवानी (सेब आदि) को नुकसान पहुँचा है।
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यातायात: कश्मीर के उड़ी में भारी बारिश के बाद भूस्खलन हुआ, जिससे उड़ी-बारामुला राजमार्ग बंद करना पड़ा। मलबे को हटाने का काम युद्धस्तर पर जारी है।
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जान-माल: हिमाचल में कई घरों की छतें उड़ गईं और बिजली गिरने से पेड़ों के दो-फाड़ होने की खबरें सामने आई हैं।
अगले 48 घंटों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’
मौसम विभाग ने सोमवार और मंगलवार के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। विभाग ने चेतावनी दी है कि अधिकांश जिलों में मध्यम वर्षा, तेज आंधी और कुछ स्थानों पर ओलावृष्टि हो सकती है। प्रशासन ने लोगों को खराब मौसम के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।