सावधान! IPL स्टार्स के लिए BCCI का ‘रेड अलर्ट’; हनी-ट्रैप का खतरा और रात के अंधेरे में होटल से बाहर निकलने पर रोक

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नई दिल्ली: इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के रोमांच के बीच अनुशासन और सुरक्षा को लेकर बीसीसीआई (BCCI) ने कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सीजन के आधे पड़ाव पर खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजी मालिकों की लापरवाही से नाराज बोर्ड ने 7 पन्नों की एक विस्तृत गाइडलाइन जारी की है। नियमों के उल्लंघन की बढ़ती घटनाओं को देखते हुए इस वीकेंड सभी टीमों के CEO की एक आपात बैठक भी बुलाई गई है।

मैदान से होटल तक सुरक्षा में चूक

बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने ‘इंडियन एक्सप्रेस’ से बातचीत में पुष्टि की है कि बोर्ड की एंटी-करप्शन यूनिट (ACU) ने कई गंभीर खामियों की ओर इशारा किया है। रिपोर्ट के अनुसार, अनधिकृत व्यक्ति टीम बस, होटल के प्रतिबंधित एरिया और यहाँ तक कि डग-आउट तक पहुँच रहे हैं। सैकिया ने स्पष्ट किया कि 2008 से लागू नियमों को लेकर अब किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

राजस्थान रॉयल्स के दो मामले आए सामने

बोर्ड ने आधिकारिक तौर पर दो प्रमुख घटनाओं का जिक्र किया है, जो राजस्थान रॉयल्स से जुड़ी हैं:

  1. डग-आउट में फोन का इस्तेमाल: टीम मैनेजर को मैच के दौरान प्रतिबंधित क्षेत्र में मोबाइल का उपयोग करते पाया गया।

  2. रियान पराग वेपिंग विवाद: कप्तान रियान पराग का ड्रेसिंग रूम में वेपिंग (ई-सिगरेट) करते हुए वीडियो वायरल हुआ, जिसकी जांच अभी जारी है। बोर्ड इन दोनों मामलों पर जुर्माना लगा चुका है।

बीसीसीआई की नई ‘कठोर’ एडवाइजरी: 6 मुख्य बातें

बीसीसीआई ने खिलाड़ियों और फ्रेंचाइजी के लिए जो नियम बनाए हैं, वे अब पहले से कहीं अधिक सख्त हैं:

  1. हनी-ट्रैप का खतरा: बोर्ड ने खिलाड़ियों को आगाह किया है कि हाई-प्रोफाइल क्रिकेटर्स को ‘हनी-ट्रैप’ में फंसाने की कोशिश की जा सकती है, जिससे यौन दुराचार जैसे गंभीर कानूनी मामले बन सकते हैं।

  2. कमरों में एंट्री बैन: टीम मैनेजर की लिखित अनुमति के बिना कोई भी बाहरी व्यक्ति खिलाड़ी के कमरे में नहीं जा सकेगा। मुलाकात सिर्फ होटल लॉबी या पब्लिक एरिया में ही संभव होगी।

  3. सुरक्षा अधिकारी को रिपोर्ट करना अनिवार्य: खिलाड़ी अब बिना बताए होटल से बाहर नहीं जा सकेंगे। उन्हें अपनी आवाजाही की पूरी जानकारी सुरक्षा अधिकारियों (SLO/TIO) को देनी होगी।

  4. आईडी कार्ड की अनिवार्यता: कुछ खिलाड़ी पहचान पत्र दिखाने में आनाकानी कर रहे थे। अब नियम है कि स्टेडियम, होटल और प्रैक्टिस के दौरान आईडी कार्ड हमेशा गले में होना चाहिए।

  5. मालिकों के लिए ‘नो-गो’ जोन: मैच के दौरान टीम मालिक डगआउट या ड्रेसिंग रूम में जाकर खिलाड़ियों से बात नहीं कर सकेंगे और न ही उन्हें गले लगा सकेंगे। इसे मैच की मर्यादा का उल्लंघन माना जाएगा।

  6. वेपिंग पर पूर्ण प्रतिबंध: भारत में ई-सिगरेट गैरकानूनी है। ड्रेसिंग रूम, होटल या डगआउट में वेपिंग करते पाए जाने पर खिलाड़ियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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