नई दिल्ली: भारतीय टी-20 क्रिकेट में एक बड़े बदलाव की सुगबुगाहट शुरू हो गई है। आईपीएल 2026 के समापन के बाद टीम इंडिया के टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। सूत्रों की मानें तो जून में होने वाली चयनकर्ताओं की बैठक में सूर्यकुमार को कप्तानी से हटाने और श्रेयस अय्यर को कमान सौंपने पर बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
सूर्या का भविष्य अधर में?
भले ही सूर्या ने सार्वजनिक रूप से अगले वर्ल्ड कप और ओलंपिक तक कप्तानी करने की इच्छा जताई है, लेकिन बीसीसीआई (BCCI) का मैनेजमेंट अब भविष्य की ओर देख रहा है। 35 वर्षीय सूर्या के लिए अब चुनौती सिर्फ कप्तानी बचाने की नहीं, बल्कि टीम में अपनी जगह बरकरार रखने की भी है। चयनकर्ता इस बात पर विचार कर रहे हैं कि क्या सूर्या को सिर्फ एक बल्लेबाज के तौर पर खिलाया जाए या टीम में युवा चेहरों को मौका दिया जाए।
कप्तानी का दबाव और बल्ले से नाकामी
सूर्यकुमार यादव की कप्तानी में भारत ने 2025 एशिया कप और 2026 टी-20 विश्व कप जैसे बड़े खिताब जीते हैं, लेकिन निजी तौर पर उनका प्रदर्शन ग्राफ नीचे गिरा है:
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वर्ल्ड कप में प्रदर्शन: 2026 विश्व कप में उन्होंने 242 रन बनाए, जिसमें से एक बड़ी पारी अमेरिका के खिलाफ आई थी, लेकिन बाकी टूर्नामेंट में वे संघर्ष करते नजर आए।
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आंकड़े: जुलाई 2024 में कप्तानी संभालने के बाद से सूर्या ने 45 मैचों में केवल 932 रन बनाए हैं, जो उनकी क्षमता के अनुरूप नहीं माने जा रहे हैं।
चोट और बढ़ती उम्र बनी बाधा
सूर्या की कप्तानी पर तलवार लटकने की एक बड़ी वजह उनकी कलाई की चोट भी है। खबरों के मुताबिक, वे पिछले काफी समय से दाहिनी कलाई में दर्द के बावजूद खेल रहे हैं। आईपीएल के दौरान उन्हें भारी टेपिंग के साथ बल्लेबाजी और फील्डिंग करते देखा गया था। टीम डॉक्टर को अक्सर अभ्यास सत्र से पहले उनकी कलाई को सुरक्षित करते देखा जाता है। बढ़ती उम्र (35 वर्ष) और इस चोट ने मैनेजमेंट को विकल्प तलाशने पर मजबूर कर दिया है।
श्रेयस अय्यर क्यों हैं रेस में सबसे आगे?
कप्तानी की दौड़ में संजू सैमसन और ईशान किशन जैसे नाम भी शामिल हैं, लेकिन श्रेयस अय्यर का पलड़ा भारी लग रहा है। इसके पीछे मुख्य कारण हैं:
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IPL में सफलता: अय्यर ने अलग-अलग फ्रेंचाइजी के साथ अपनी कप्तानी का लोहा मनवाया है।
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अनुभव: दबाव के मैचों में अय्यर की रणनीति और मध्यक्रम में उनकी स्थिरता उन्हें मैनेजमेंट की पहली पसंद बना रही है।