अमृतसर: पंजाब की राजनीति और सिख धार्मिक संस्थाओं के बीच तनाव गहरा गया है। ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार संशोधन बिल’ को लेकर उपजे विवाद के बीच विधानसभा स्पीकर कुलतार सिंह संधवा आज श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे। अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने उन्हें सुबह 11 बजे स्पष्टीकरण देने के लिए तलब किया है।
विवाद की मुख्य वजह: बिल को पारित करना
जत्थेदार गड़गज्ज का आरोप है कि जिस बिल को श्री अकाल तख्त साहिब ने पहले ही नामंजूर कर दिया था, उसे विधानसभा में पारित करवाना सिख समुदाय, अकाल तख्त की सर्वोच्चता और शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की भावनाओं का अपमान है। सूत्रों के अनुसार, स्पीकर संधवा से मुख्य रूप से यह सवाल पूछा जाएगा कि अकाल तख्त की असहमति के बावजूद विधायी प्रक्रिया को आगे क्यों बढ़ाया गया।
चीफ खालसा दीवान (CKD) भी निशाने पर
सिर्फ विधानसभा स्पीकर ही नहीं, बल्कि चीफ खालसा दीवान की पूरी कार्यकारिणी भी अकाल तख्त के रडार पर है। जत्थेदार ने सीकेडी अध्यक्ष डॉ. इंद्रबीर सिंह निज्जर समेत 31 कार्यकारिणी सदस्यों को आज सुबह 10 बजे तलब किया है।
कार्यकारिणी पर आरोप:
-
अकाल तख्त साहिब द्वारा मांगी गई जानकारी को समय पर उपलब्ध न कराना।
-
यह स्पष्ट न कर पाना कि कार्यकारिणी के सभी सदस्य ‘अमृतधारी’ हैं या नहीं।
-
सचिवालय द्वारा मांगे गए स्पष्टीकरण में देरी को ‘गंभीर अनुशासनहीनता’ माना गया है।
धार्मिक कार्रवाई की संभावना
पंथक हलकों में चर्चा है कि यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं रहा, तो स्पीकर संधवा और चीफ खालसा दीवान के सदस्यों के खिलाफ सख्त धार्मिक कार्रवाई की जा सकती है। इस घटनाक्रम को अकाल तख्त की मर्यादा और पंथक अनुशासन से जोड़कर देखा जा रहा है।