जालंधर धमाका: ‘पिता का फोन नहीं आता तो मैं जिंदा न होता’, हिरासत से छूटे डिलीवरी बॉय गुरप्रीत ने सुनाई आपबीती

Punjab

जालंधर: सीमा सुरक्षा बल (BSF) मुख्यालय के पास बुधवार रात हुए जोरदार धमाके के मामले में पुलिस ने हिरासत में लिए गए युवक गुरप्रीत उर्फ कृष को पूछताछ के बाद रिहा कर दिया है। फ्लिपकार्ट में डिलीवरी बॉय का काम करने वाले गुरप्रीत ने घटना के उस खौफनाक मंजर को साझा किया, जिसने पूरे इलाके को हिलाकर रख दिया था।

“मौत के मुंह से वापस आया हूं”

गुरप्रीत ने बताया कि वह बुधवार रात करीब 8 बजे एक रिटर्न पार्सल लेने के लिए बीएसएफ गेट के पास पहुंचा था। उसने अपनी स्कूटी खड़ी की और कस्टमर को कॉल करने के साथ ऐप पर डिटेल्स चेक करने लगा। इसी दौरान उसके पिता का फोन आ गया, जिसके बाद वह फोन पर बात करते हुए स्कूटी से लगभग 100 मीटर की दूरी पर चला गया।

तभी एक जोरदार धमाका हुआ और उसकी स्कूटी जलकर राख हो गई। गुरप्रीत ने कहा, “अगर उस वक्त पापा का फोन न आता, तो मैं अपनी स्कूटी के पास ही होता और शायद आज जिंदा नहीं बचता।”

गंभीर चोटें और मानसिक सदमा

धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि गुरप्रीत को 15 मिनट तक कुछ होश नहीं रहा। उसने बताया:

  • शारीरिक प्रभाव: धमाके के कारण उसे एक कान से सुनाई देना बंद हो गया है और एक पैर में भी दिक्कत महसूस हो रही है।

  • चोटें: स्कूटी के परखच्चे उड़कर उसकी पीठ पर लगे, जिससे वह घायल हो गया।

  • बचाव: वह बदहवास हालत में जान बचाने के लिए बीएसएफ कैंपस की तरफ भागा, जहां जवानों ने उसे प्राथमिक उपचार दिया।

NIA कर रही है मामले की जांच

शुरुआती जांच में पुलिस को घटनास्थल से आईईडी (IED) विस्फोट के संकेत मिले हैं। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अब इसकी जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दी गई है।

पूछताछ में मिला क्लीन चिट

घटना के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने गुरप्रीत को संदिग्ध मानकर हिरासत में लिया था। हालांकि, उसकी मोबाइल लोकेशन, कॉल रिकॉर्ड्स, फ्लिपकार्ट ऐप की हिस्ट्री और सीसीटीवी फुटेज की गहन जांच के बाद पुलिस ने उसे छोड़ दिया है। जांच में स्पष्ट हुआ कि वह केवल अपना काम करने वहां पहुंचा था और इस धमाके का शिकार बना।

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