Haryana Desk: हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने अंबाला के ऐतिहासिक कैलाश हाथीखाना मंदिर में आयोजित “सोमनाथ स्वाभिमान पर्व” में शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा सोमनाथ मंदिर में किए गए दर्शन और राष्ट्र के नाम संबोधन का लाइव प्रसारण देखा।
सांस्कृतिक उत्थान और सर्वांगीण विकास पर जोर
अंबाला छावनी में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश की मान्यताओं और सांस्कृतिक धरोहरों को पूरा सम्मान देते हैं। उन्होंने कहा:
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देश की प्रगति तभी संभव है जब उसकी अर्थव्यवस्था और सेना के साथ-साथ उसकी सांस्कृति और आस्था के केंद्रों का भी उत्थान हो।
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राम मंदिर और विश्वनाथ मंदिर की तरह ही सोमनाथ मंदिर भी भारत की अस्मिता का केंद्र है।
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वर्ष 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राधाकृष्णन ने यहाँ प्राण-प्रतिष्ठा की थी और आज 75वें वर्ष में पीएम मोदी ने इस उत्सव से पूरे देश को जोड़ दिया है।
सोमनाथ मंदिर का गौरवशाली इतिहास और भूगोल
अनिल विज ने मंदिर के ऐतिहासिक और वैज्ञानिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा:
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स्वाभिमान पर प्रहार: सोमनाथ मंदिर को विदेशी लुटेरों जैसे गजनवी और औरंगजेब ने कई बार लूटा और तोड़ा, क्योंकि यह हमारे स्वाभिमान का केंद्र था।
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सरदार पटेल का संकल्प: आजादी के बाद खंडित मंदिर को फिर से भव्य रूप देने का संकल्प लौह पुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने लिया था।
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प्राचीन वैज्ञानिक ज्ञान: मंदिर में स्थित एक स्तंभ दक्षिण ध्रुव की ओर संकेत करता है। विज ने कहा कि यह इस बात का प्रमाण है कि हमारे पूर्वजों को भूगोल (पृथ्वी के गोल होने) और खगोल विज्ञान का ज्ञान अंग्रेजों से बहुत पहले ही था।
कार्यक्रम की मुख्य झलकियां
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महंत का सम्मान: मंत्री अनिल विज ने मंदिर के महंत संत बाबा मनमोहन दास जी को शॉल भेंट कर उनका आशीर्वाद लिया।
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प्रदर्शनी और कलश यात्रा: सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा मंदिर पर आधारित प्रदर्शनी लगाई गई और मंदिर परिसर में कलश यात्रा भी निकाली गई।
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स्कूली बच्चों को प्रोत्साहन: विज ने सांस्कृतिक कार्यक्रम पेश करने वाले प्रत्येक स्कूल को अपने स्वैच्छिक कोष से 21-21 हजार रुपये देने की घोषणा की।
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अधिकारियों की उपस्थिति: कार्यक्रम में डीसी अजय सिंह तोमर, एसडीएम कनिका गोयल सहित कई भाजपा नेता और स्थानीय गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।