हैलो दोस्तों! स्वागत है आपका हमारे चैनल MSTV India पर, जहां हम राजनीति के सबसे गर्म मुद्दों को आपके सामने परोसते हैं। 2025 में राव साहब 75 साल के हो चुके हैं, और अफवाहें उड़ रही हैं कि बीजेपी उनकी रिटायरमेंट प्लानिंग कर रही है! लेकिन क्या वो इतनी आसानी से जाएंगे? चलिए, डिटेल में घुसते हैं।
क्यों हैं राव साहब बीजेपी के लिए जरूरी?
इमेजिन कीजिए… अगर राव इंद्रजीत न होते, तो क्या बीजेपी हरियाणा के दक्षिणी इलाके में इतनी मजबूत होती? नहीं ना! चलिए देखते हैं क्यों:
- यादव वोट बैंक का किंग: हरियाणा में यादव कम्युनिटी बीजेपी के लिए क्रिटिकल है। राव साहब अहीरवाल (रेवाड़ी, महेंद्रगढ़, गुरुग्राम) के चेहरे हैं। 2024 हरियाणा चुनाव में उन्होंने 10 से ज्यादा सीटों पर बीजेपी को जीत दिलाई। बिना उनके, पार्टी यादव वोटर्स खो सकती है, जो कांग्रेस या अन्य पार्टियों की तरफ जा सकते हैं।
- केंद्रीय मंत्री का स्टेटस: मोदी 3.0 में वो तीन मंत्रालय संभाल रहे हैं। उनकी पॉलिटिकल एक्सपीरियंस – IAS से लेकर मनमोहन सरकार में मंत्री तक – बीजेपी को मजबूत बनाती है। वो हरियाणा में बीजेपी की सरकार बनाने में मदद करते हैं, जैसे 2024 में इंडिपेंडेंट MLAs का सपोर्ट लाकर।
- लोकल इंफ्लुएंस: राव साहब की बेटी आरती राव हरियाणा कैबिनेट में मंत्री हैं। उनका परिवार राजनीतिक पावरहाउस है। 2025 में भी इंस्टाग्राम पर वो सरकारी योजनाओं का प्रचार कर रहे हैं, जैसे प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना। बीजेपी को हरियाणा में ग्राउंड लेवल पर ऐसे लीडर्स की जरूरत है!
क्यों बीजेपी उन्हें निकालने का इंतजार कर रही हो सकती है?
शॉकिंग रिवील! जुलाई 2025 में राव साहब ने 12 MLAs के साथ ‘डिनर डिप्लोमेसी’ की, और अफवाहें उड़ीं कि वो CM नायब सैनी की सरकार गिराने की प्लानिंग कर रहे हैं! क्या ये बगावत का सिग्नल था? चलिए देखते हैं:
- इंटरनल क्लैश: राव साहब ने CM सैनी और पूर्व CM खट्टर पर ताने कसे। जून 2025 में मंच से कहा, “हमने आपकी सरकार बनाई है, अहीरवाल की डिमांड्स इग्नोर मत करो!” सैनी ने जवाब दिया, “बीजेपी किसी एक जाति या परिवार की नहीं है।” अनिल विज, मोहनलाल बडोली जैसे लीडर्स भी उनसे नाराज हैं।
- बागी इमेज: 2025 में रिटायरमेंट की स्पेकुलेशन्स हैं। न्यूज रिपोर्ट्स कहती हैं कि बीजेपी उनकी सक्सेशन प्लानिंग कर रही है। वो ‘बाहरी’ होने का रोना रोते हैं – कांग्रेस से आए थे, तो पार्टी में फुल ट्रस्ट नहीं। अफवाहें हैं कि वो कांग्रेस से संपर्क में हैं, और CM बनने का सपना देख रहे हैं।
- पार्टी डिसिप्लिन: बीजेपी में व्यक्ति से ऊपर पार्टी है। राव साहब की क्रिटिसिज्म (जैसे अहीरवाल को नेग्लेक्ट करने पर) पार्टी को डैमेज कर सकती है। अगर वो ज्यादा बागी बने, तो RSS-बैक्ड लीडरशिप उन्हें बाहर कर सकती है, जैसे दूसरे बागियों को किया जाता है।
क्या कहती हैं लेटेस्ट अपडेट्स?
दोस्तों, 20 अगस्त 2025 तक राव इंद्रजीत सिंह बीजेपी के साथ मजबूती से खड़े हैं – मंत्री हैं, एक्टिव हैं। लेकिन हरियाणा बीजेपी में टेंशन साफ दिख रही है। वो जरूरी हैं क्योंकि वो वोट्स लाते हैं, लेकिन अगर बागावत बढ़ी, तो पार्टी उन्हें ड्रॉप कर सकती है। ये राजनीति है – आज राजा, कल बागी!
क्या राव साहब बीजेपी छोड़ेंगे, या पार्टी उन्हें बाहर करेगी? आपकी क्या राय है?
