दोस्तों, स्वागत है आपका हमारे चैनल MSTV India पर! आज हम बात करने वाले हैं हरियाणा की राजनीति के एक बड़े ड्रामे की। क्या कुलदीप बिश्नोई की बीजेपी वाली नाव डूब रही है? बीजेपी को उनकी कोई ज़रूरत नहीं, इसलिए उन्हें खुड्डे लाइन पर डाल रखा है। अब वो कांग्रेस में वापसी का सपना देख रहे हैं, लेकिन क्या भूपेंद्र हुड्डा जैसे दिग्गज उन्हें दरवाज़ा दिखाएंगे या अंदर आने देंगे?
कुलदीप बिश्नोई का राजनीतिक संकट!
हरियाणा की राजनीति में भजन लाल परिवार का नाम किसी परिचय का मोहताज नहीं। कुलदीप बिश्नोई, भजन लाल के बेटे, कभी कांग्रेस के बड़े नेता थे। लेकिन 2022 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर बीजेपी जॉइन कर ली। क्यों? क्योंकि राज्योंसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग की वजह से कांग्रेस ने उन्हें बाहर कर दिया था। बीजेपी में एंट्री हुई, बड़े-बड़े वादे हुए, लेकिन क्या हुआ? बीजेपी ने उन्हें कोई बड़ा पद नहीं दिया। 2024 के लोकसभा चुनावों में हिसार सीट पर टिकट मांगा, लेकिन बीजेपी ने स्नब कर दिया। अब वो साइडलाइन हो चुके हैं – जैसे कोई पुराना खिलाड़ी जो बेंच पर बैठा रहता है!
सोचिए जरा, बीजेपी को कुलदीप की ज़रूरत क्यों नहीं? क्योंकि हरियाणा में बीजेपी पहले से ही मजबूत है। मनोहर लाल खट्टर, नायब सैनी जैसे नेता हैं, और कुलदीप का आधार सिर्फ आदमपुर तक सीमित है। बीजेपी ने उन्हें सिर्फ कांग्रेस से तोड़ने के लिए इस्तेमाल किया, और अब ‘खुड्डे लाइन’ पर डाल दिया – मतलब इग्नोर मोड ऑन! लेकिन कुलदीप बैठने वाले नहीं। अफवाहें हैं कि वो कांग्रेस में वापसी चाहते हैं। क्यों? क्योंकि बीजेपी में उनका फ्यूचर डार्क लग रहा है, और कांग्रेस हरियाणा में फिर से उभर रही है। लेकिन यहां आता है बड़ा ट्विस्ट!
हुड्डा vs बिश्नोई
क्या भूपेंद्र सिंह हुड्डा कुलदीप की वापसी होने देंगे? हुड्डा साहब हरियाणा कांग्रेस के ‘बॉस’ हैं। 2005 से 2014 तक सीएम रहे, और आज भी पार्टी में उनका दबदबा है। याद है 2016 में जब कुलदीप की हरियाणा जनहित कांग्रेस ने कांग्रेस से मर्जर किया था, तब हुड्डा ने विरोध किया था। हुड्डा को लगता है कि बिश्नोई परिवार उनके लिए थ्रेट है। भजन लाल फैमिली की जाट-नॉन जाट पॉलिटिक्स हुड्डा की जाट-बेस्ड पावर को चैलेंज करती है। कुलदीप के पास आदमपुर का मजबूत वोट बैंक है, जो कांग्रेस को फायदा दे सकता है। लेकिन हुड्डा को डर है कि कुलदीप पार्टी में फूट डालेंगे।
अगर आप सोच रहे हैं कि कुलदीप की वापसी हो गई तो क्या होगा? कांग्रेस मजबूत बनेगी, या इंटरनल फाइट से कमजोर? कमेंट में बताओ – हुड्डा कुलदीप को अंदर आने देंगे या नहीं?
