हरियाणा डेस्क |हरियाणा में फिलहाल कड़ाके की ठंड और घने कोहरे का प्रकोप जारी है। हालांकि, दिन में धूप खिलने से अधिकतम तापमान में मामूली बढ़ोतरी दर्ज की गई है, लेकिन उत्तर-पश्चिमी बर्फीली हवाओं के कारण शीतलहर और ठिठुरन अभी भी बरकरार है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) राज्य के मौसम को फिर से प्रभावित करने वाला है।
फरवरी की शुरुआत में बारिश के आसार
हिमालयी क्षेत्र में कल रात से एक नया और शक्तिशाली पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने जा रहा है। इसका सीधा असर हरियाणा में 1 और 2 फरवरी को देखने को मिलेगा।
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1 फरवरी: प्रदेश के 50 से 75% हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने का पूर्वानुमान है।
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2 और 3 फरवरी: राज्य के उत्तरी और दक्षिणी जिलों में कुछ स्थानों पर बूंदाबांदी या हल्की बारिश जारी रह सकती है।
तापमान और ठंड का वर्तमान हाल
वर्तमान में प्रदेश में उत्तर-पश्चिमी शुष्क हवाएं चल रही हैं, जिससे रात और अलसुबह के समय कड़ाके की ठंड पड़ रही है।
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अधिकतम तापमान: धूप निकलने की वजह से दिन के पारे में सुधार हुआ है। भिवानी में राज्य का सबसे अधिक तापमान 22.5°C दर्ज किया गया है।
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धुंध और कोहरा: 30 और 31 जनवरी को मौसम मुख्य रूप से खुश्क रहेगा, लेकिन देर रात और सुबह के समय घनी धुंध छाए रहने की संभावना है।
जनवरी में मौसम का मिजाज
इस साल जनवरी का महीना काफी उतार-चढ़ाव भरा रहा है। अब तक चार प्रमुख पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा को प्रभावित कर चुके हैं। विशेष रूप से 22-23 जनवरी और 27-28 जनवरी के दौरान आए सिस्टम काफी प्रभावी रहे, जिसके कारण प्रदेश के कई इलाकों में बारिश के साथ-साथ ओलावृष्टि भी हुई थी।
मौसम की सलाह: 4 फरवरी तक हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील बना रहेगा। किसानों और आम जनता को सलाह दी गई है कि वे 1 फरवरी को होने वाली बारिश और गरज-चमक को ध्यान में रखते हुए अपने कार्यों की योजना बनाएं।
