हेलो दोस्तों, स्वागत है MSTV India पर , जहां हम सत्ता के काले राज़ खोलते हैं!कल्पना कीजिए… एक उप-राष्ट्रपति, जो संसद में सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलता था, अचानक गायब! जिस दिन से जगदीप धनखड़ जी का इस्तीफा सामने आया, ना कोई देख पाया, ना कोई खबर। जैसे वो धरती में समा गए! विपक्ष चीख रहा है – ये मोदी सरकार की साजिश है! क्या धनखड़ जी सचमुच सरकार के लिए खतरा बन गए थे?
धनखड़ के गायब होने की वजह?
21 जुलाई 2025, राज्यसभा सत्र: धनखड़ जी ने विपक्ष की ओर से जस्टिस यशवंत वर्मा के खिलाफ इम्पीचमेंट नोटिस स्वीकार किया। ये वो जज थे, जिनका नाम कैश रिकवरी घोटाले में आया था। सरकार चाहती थी कि ये मामला पहले लोकसभा में उठे, लेकिन धनखड़ ने विपक्ष को मौका दे दिया।मल्लिकार्जुन खड़गे को पाहलगाम आतंकी हमले पर बोलने दिया, लेकिन बीजेपी के जे.पी. नड्डा को हाथ के इशारे से रोका। नड्डा ने गुस्से में कहा, “सिर्फ मेरी बात रिकॉर्ड होगी!” विपक्ष का दावा है कि ये धनखड़ की स्वतंत्रता थी, जो मोदी सरकार को चुभ गई।
इससे पहले, धनखड़ ने सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले को “लोकतंत्र के खिलाफ परमाणु हथियार” कहा था, जो तमिलनाडु के गवर्नर आर.एन. रवि के खिलाफ था।
विपक्ष के इल्ज़ाम और बीजेपी की चुप्पी
विपक्ष का कहना है कि धनखड़ का इस्तीफा कोई संयोग नहीं था। इंडिया टुडे की एक रिपोर्ट कहती है कि महीनों से धनखड़ और सरकार में तनाव था। धनखड़ कुछ विशेषाधिकार मांग रहे थे, जैसे राष्ट्रपति जैसी सुविधाएं, जो सरकार को मंजूर नहीं था। लेकिन असली ठेस तब लगी, जब धनखड़ ने विपक्ष का इम्पीचमेंट नोटिस स्वीकार किया।राहुल गांधी का कहना है, “मोदी सरकार हर उस शख्स को हटाती है जो उनके रास्ते में आता है।” अखिलेश यादव ने भी ट्वीट किया, “बीजेपी ने धनखड़ के स्वास्थ्य की खबर तक नहीं ली। ये क्या छिपा रहे हैं?”
और बीजेपी? वो चुप है। पीएम मोदी का एक ठंडा सा ट्वीट – “धनखड़ जी के योगदान को याद रखेंगे।” बस इतना? क्या बीजेपी इस रहस्य को दबा रही है? अगर धनखड़ बीमार हैं, तो कोई अपडेट क्यों नहीं?
दोस्तों, अब आपकी बारी है। कमेंट्स में बताओ –
- क्या धनखड़ जी ने मोदी सरकार के खिलाफ कुछ ऐसा किया कि उन्हें हटाना पड़ा?
- क्या ये लोकतंत्र पर हमला है, जैसा विपक्ष कह रहा है?
- क्या बीजेपी इस मिस्ट्री को हमेशा के लिए दबा देगी?
