चंडीगढ़ : हरियाणा सरकार ने ग्रुप-डी कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी और सरल बनाने के लिए नए चयन मानदंड लागू कर दिए हैं। मानव संसाधन विभाग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, अब ग्रुप-डी पदों पर भर्ती के लिए केवल कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) के अंकों को ही एकमात्र आधार माना जाएगा।
भर्ती का नया फॉर्मूला: 100% वेटेज CET को
नई अधिसूचना के मुताबिक, उन पदों को छोड़कर जिनकी योग्यता 10वीं (मैट्रिक्स) से कम है, बाकी सभी ग्रुप-डी पदों के लिए चयन पूरी तरह सीईटी स्कोर के आधार पर होगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि अब चयन प्रक्रिया में सीईटी स्कोर को 100 प्रतिशत वेटेज दिया जाएगा, जिससे भर्ती प्रक्रिया में स्पष्टता आएगी।
कैसा होगा परीक्षा का सिलेबस?
सरकार ने सीईटी के पाठ्यक्रम को दो मुख्य हिस्सों में बांटा है:
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75 प्रतिशत हिस्सा: इसमें सामान्य जागरूकता (General Awareness), तर्कशक्ति (Reasoning), गणित, अंग्रेजी, हिंदी और संबंधित विषयों से प्रश्न पूछे जाएंगे।
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25 प्रतिशत हिस्सा: यह पूरी तरह हरियाणा विशेष होगा, जिसमें प्रदेश का इतिहास, समसामयिक घटनाएं (Current Affairs), साहित्य, भूगोल, पर्यावरण और संस्कृति शामिल हैं।
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स्तर: ग्रुप-डी पदों के लिए प्रश्नपत्र का कठिनाई स्तर 10वीं (मैट्रिक्स) के समकक्ष होगा।
पुराने और नए स्कोर का सामान्यीकरण (Normalization)
अधिसूचना में उन अभ्यर्थियों के लिए भी स्थिति स्पष्ट की गई है जो पहले परीक्षा दे चुके हैं:
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वैधता: 12 जनवरी 2024 को आयोजित ग्रुप-डी सीईटी परीक्षा (जो 11 जनवरी 2027 तक वैध है) पास करने वाले उम्मीदवारों के अंकों को 95 अंकों के सापेक्ष प्रतिशत में बदला जाएगा।
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मेरिट लिस्ट: भविष्य में होने वाली परीक्षाओं और पुराने स्कोर को ‘नॉर्मलाइज’ करके एक संयुक्त मेरिट सूची तैयार की जाएगी, जिसके आधार पर नियुक्तियां होंगी।
कानूनी संशोधन
हरियाणा सरकार ने हरियाणा ग्रुप-डी कर्मचारी (भर्ती तथा सेवा की शर्तें) अधिनियम, 2018 की द्वितीय अनुसूची में संशोधन कर यह नया नियम लागू किया है। यह बदलाव गजट में प्रकाशित होने की तिथि से ही प्रभावी माना जाएगा।