Haryana Desk: हरियाणा के जांबाज पर्वतारोही रोहताश खिलेरी एक बार फिर दुनिया की सबसे ऊंची चोटी, माउंट एवरेस्ट को फतह करने के लिए निकल चुके हैं। इस बार उनका इरादा केवल चोटी पर तिरंगा फहराना ही नहीं, बल्कि एक नया वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करना है।
इस मिशन पर निकलने से पहले रोहताश ने अपनी मां के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया, जिसकी तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब सराहना बटोर रही हैं।
अभियान की मुख्य बातें:
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मां का आशीर्वाद: रोहताश ने अभियान की शुरुआत अपनी मां से आशीर्वाद लेकर की। उन्होंने कहा कि उनकी हिम्मत के पीछे परिवार का अटूट समर्थन और मां की दुआएं ही असली ताकत हैं।
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नया कीर्तिमान: 16 मई 2018 को पहली बार एवरेस्ट फतह करने वाले रोहताश इस बार एक विशेष रिकॉर्ड बनाने के लक्ष्य के साथ जा रहे हैं। हालांकि उन्होंने रिकॉर्ड की बारीकियों को अभी गुप्त रखा है, लेकिन उन्होंने इसे बेहद चुनौतीपूर्ण बताया है।
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पिछली उपलब्धियां: रोहताश का पर्वतारोहण करियर उपलब्धियों से भरा रहा है। उन्होंने अब तक किलिमंजारो (अफ्रीका), एलब्रुस (यूरोप) और माउंट फ्रेंडशिप जैसी दुर्गम चोटियों पर विजय प्राप्त की है।
चुनौतियां और तैयारी
माउंट एवरेस्ट की चढ़ाई दुनिया के सबसे कठिन कार्यों में से एक मानी जाती है। शून्य से कई डिग्री नीचे तापमान, ऑक्सीजन की भारी कमी और बर्फीले तूफानों के बीच रोहताश का यह ‘महाविजय’ अभियान न केवल शारीरिक बल्कि मानसिक शक्ति की भी परीक्षा लेगा।
प्रदेश में उत्साह का माहौल
रोहताश के इस साहसी कदम से उनके गांव और पूरे हरियाणा में गर्व का माहौल है। लोग सोशल मीडिया के माध्यम से उनकी सुरक्षित वापसी और रिकॉर्ड की सफलता के लिए प्रार्थना कर रहे हैं। यदि वे सफल होते हैं, तो यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत और हरियाणा के गौरव को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।