Haryana Weather Update: हरियाणा में चिलचिलाती गर्मी और धूप के बीच मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है। प्रदेश के कई इलाकों में आसमान में काले बादल छाने के साथ ही झमाझम बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना जताई गई है।
मौसम विभाग (IMD) ने शनिवार को विशेष बुलेटिन जारी करते हुए प्रदेश के कई हिस्सों में आंधी-तूफान की चेतावनी दी है। विभाग के अनुसार, अगले दो दिनों तक हरियाणा में मौसम का मिजाज इसी तरह बदला हुआ रह सकता है, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से थोड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
हरियाणा के इन 7 जिलों में बारिश का अलर्ट (Rain Alert in 7 Districts)
मौसम विभाग ने शनिवार को हरियाणा के कई प्रमुख जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। इन क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं:
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महेंद्रगढ़ और रेवाड़ी
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सिरसा और फतेहाबाद
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हिसार और भिवानी
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चरखी दादरी
रोहतक रहा सबसे गर्म, कई शहरों के तापमान में आई गिरावट
मौसम विभाग द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, शुक्रवार को प्रदेश में सबसे ज्यादा तापमान रोहतक में 43.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। इसके विपरीत, मौसम में आए बदलाव के कारण कई अन्य जिलों के पारे में गिरावट देखी गई है।
विभिन्न शहरों का तापमान:
| शहर का नाम | दर्ज तापमान (सेल्सियस में) |
| हिसार | 39.0°C |
| नारनौल | 40.0°C |
| अंबाला | 37.3°C |
| चंडीगढ़ | 36.5°C |
इसके कारण स्थानीय निवासियों को भीषण हीटवेव से आंशिक रूप से बड़ी राहत मिली है।
जानिए कब तक बना रहेगा बारिश का यह दौर?
मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, उत्तर भारत में इस समय एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) प्रभावी हो रहा है। इसके असर से आज और कल (अगले 48 घंटों में) हरियाणा के कई हिस्सों में धूल भरी आंधी चलने और गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने की पूरी संभावना है।
हालांकि, इस दौरान अधिकतम तापमान में कोई बहुत बड़ा उलटफेर देखने को नहीं मिलेगा। पारा केवल 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक ही ऊपर-नीचे हो सकता है। इसके बाद, 11 जून के आसपास प्रदेश में मौसम एक बार फिर से करवट ले सकता है।
किसानों के लिए मौसम विभाग की विशेष चेतावनी
जरूरी सूचना: मौसम विभाग ने ग्रामीण क्षेत्रों और विशेषकर किसानों के लिए एक जरूरी एडवायजरी (सलाह) जारी की है।
तेज हवाओं और अचानक होने वाली बारिश के कारण खेतों में खड़ी या कटी रखी फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है। इसलिए, किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को ध्यान में रखते हुए अपनी कटी हुई फसलों और कृषि उपकरणों को सुरक्षित स्थानों पर ढककर रखें, ताकि किसी भी तरह के आर्थिक नुकसान से बचा जा सके।