हरियाणा में महंगाई का झटका: अमूल-मदर डेयरी के बाद अब ‘वीटा’ ने भी बढ़ाए दूध के दाम, जानें नई रेट लिस्ट

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चंडीगढ़/फरीदाबाद: देश में अमूल और मदर डेयरी द्वारा कीमतें बढ़ाए जाने के बाद अब हरियाणा के दूध उपभोक्ताओं की जेब पर भी अतिरिक्त बोझ बढ़ने जा रहा है। बल्लभगढ़ कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स यूनियन लिमिटेड यानी ‘वीटा’ (Vita) ने अपने दूध के पाउच की कीमतों में बढ़ोतरी का फैसला किया है। बढ़ती उत्पादन लागत और ऑपरेशनल चार्ज का हवाला देते हुए कंपनी ने अलग-अलग वेरिएंट्स पर ₹1 से लेकर ₹24 तक का इजाफा किया है।

कब से लागू होंगी नई दरें?

वीटा प्रबंधन द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, दूध की ये बढ़ी हुई दरें 20 मई 2026 की सुबह की सप्लाई से पूरी तरह लागू हो जाएंगी। इसका मतलब है कि 19 मई की रात को ही वितरकों (डिस्ट्रीब्यूटर्स) के पास जो दूध पहुंचेगा, वह नए दामों के साथ मिलेगा। शुरुआती चरण में यह बदलाव बल्लभगढ़ प्लांट के क्षेत्राधिकार में आने वाले फरीदाबाद और उसके आसपास के इलाकों में प्रभावी होगा।

वीटा दूध की नई प्राइस लिस्ट (New Rate List)

दामों में हुई इस बढ़ोतरी के बाद अब उपभोक्ताओं को प्रति पैकेट निम्नलिखित कीमतें चुकानी होंगी:

1. फुल क्रीम दूध (Full Cream Milk)

  • 500 ML पैकेट: ₹35 से बढ़कर अब ₹36 हो गया है (₹1 की वृद्धि)।

  • 1 लीटर पैकेट: ₹69 से बढ़कर अब ₹71 हो गया है (₹2 की वृद्धि)।

2. भैंस का दूध (Buffalo A2 Milk) — सबसे ज्यादा बढ़ोतरी

  • 500 ML पैकेट: ₹37 से बढ़कर अब ₹39 हो गया है (₹2 की वृद्धि)।

  • 1 लीटर पैकेट: ₹73 से बढ़कर अब ₹78 हो गया है (₹5 की भारी वृद्धि)।

3. कमर्शियल और फैमिली पैक (6 लीटर)

  • फुल क्रीम (6 लीटर): ₹408 से बढ़कर अब ₹432 हो गया है (₹24 की वृद्धि)।

  • टोंड मिल्क (6 लीटर): ₹336 से बढ़कर अब ₹360 हो गया है (₹24 की वृद्धि)।

क्यों बढ़ाए गए दूध के दाम?

वीटा के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) सतीश कुमार द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक, डेयरी उद्योग में पिछले कुछ समय से प्रोडक्शन कॉस्ट (उत्पादन लागत) और पैकेजिंग मटेरियल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसके साथ ही बाजार के अन्य प्रतिस्पर्धी ब्रांड्स द्वारा हाल ही में की गई मूल्य वृद्धि को देखते हुए वीटा को भी अपनी दरों में संशोधन करना पड़ा है।

इस आदेश की कॉपियां सभी डिस्ट्रीब्यूटर्स, रिटेलर्स, बूथ होल्डर्स के साथ-साथ संबंधित सरकारी और निजी संस्थानों को भेज दी गई हैं ताकि नई व्यवस्था सुचारू रूप से लागू हो सके।

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