चंडीगढ़: हरियाणा की नायब सिंह सैनी सरकार ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की है। राज्य के विभिन्न विभागों की सरकारी परियोजनाओं में क्वालिटी से जुड़ी गंभीर कमियां पाई गई हैं। इसके बाद सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए विकास एवं पंचायत विभाग और पीडब्ल्यूडी (PWD) के कई बड़े अधिकारियों को तुरंत प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
यह पूरी कार्रवाई गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (QAA) की तकनीकी ऑडिट रिपोर्ट के बाद की गई है।
इन अधिकारियों पर गिरी सरकार की गाज
क्वालिटी चेक में दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों की सूची विभागवार नीचे दी गई है:
-
विकास एवं पंचायत विभाग: करनाल के दो एक्सईएन (XEN) और एक जूनियर इंजीनियर (JE) को सस्पेंड किया गया है।
-
पीडब्ल्यूडी (भवन एवं निर्माण): सोनीपत के एक एसडीओ (SDO) और दो जूनियर इंजीनियरों (JE) पर निलंबन की कार्रवाई हुई है।
इस कार्रवाई के अलावा, कई अन्य दोषी अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस भी जारी किए गए हैं। वहीं, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉर्पोरेशन के एक प्रोजेक्ट में भारी खामियां मिलने पर संबंधित ठेकेदार से पैसों की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सीएम नायब सिंह सैनी ने जताई कड़ी चिंता
चंडीगढ़ में आयोजित गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण (QAA) की समीक्षा बैठक में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी खुद शामिल हुए। उन्होंने तकनीकी ऑडिट की इस रिपोर्ट पर गहरी चिंता व्यक्त की।
“सभी सरकारी परियोजनाओं की प्लानिंग, डिजाइनिंग, निर्माण और रखरखाव के हर स्तर पर क्वालिटी को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जानी चाहिए। इसमें किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” – नायब सिंह सैनी, मुख्यमंत्री
64 सरकारी परियोजनाओं का हुआ था टेक्निकल ऑडिट
बैठक के दौरान प्राधिकरण के अध्यक्ष राजीव अरोड़ा ने बताया कि उनकी विशेष टीमों ने राज्य के विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया था। टीमों ने भवन, सड़क, सिंचाई, जनस्वास्थ्य और बिजली से जुड़ी कुल 64 सरकारी परियोजनाओं का विस्तृत तकनीकी ऑडिट किया।
इस ऑडिट के दायरे में निम्नलिखित विभागों के प्रोजेक्ट्स शामिल थे:
-
लोक निर्माण विभाग (PWD) की 18 परियोजनाएं
-
हरियाणा राज्य कृषि विपणन बोर्ड की 14 परियोजनाएं
-
हरियाणा विद्युत प्रसारण निगम के 7 प्रोजेक्ट्स
-
जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग की 5 परियोजनाएं
-
सिंचाई विभाग की 4 परियोजनाएं
-
एचएसआईआईडीसी (HSIIDC) और एचएसवीपी (HSVP) की 3-3 परियोजनाएं
इस बड़ी कार्रवाई से हरियाणा के प्रशासनिक और ठेकेदारी हलकों में हड़कंप मच गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि जनता के पैसे का दुरुपयोग किसी भी कीमत पर नहीं होने दिया जाएगा।