पानीपत। हरियाणा के पानीपत में पुलिस अधीक्षक (SP) भूपेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस ने एक बड़ी और साहसिक कार्रवाई को अंजाम दिया है। स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के रीजनल मैनेजर हर्षद कुमार हत्याकांड में फरार चल रहे दो मुख्य आरोपियों को पुलिस ने एक मुठभेड़ (Encounter) के बाद गिरफ्तार कर लिया है।
खेतों में घेराबंदी और ताबड़तोड़ फायरिंग
यह एनकाउंटर पानीपत-खटीमा हाईवे (709 AD) पर स्थित जालपाड़ गांव के खेतों में हुआ:
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पुलिस पर चलाई गोली: सीआईए-1 (CIA-1) की टीम को मुखबिर से आरोपियों के छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। जैसे ही पुलिस टीम ने घेराबंदी की, बदमाशों ने खुद को घिरता देख पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।
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बाल-बाल बचे सब-इंस्पेक्टर: बदमाशों द्वारा चलाई गई एक गोली सीआईए के सब-इंस्पेक्टर संजीव के बेहद पास से गुजर गई।
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जवाबी कार्रवाई में हुए घायल: पुलिस ने आत्मरक्षार्थ जवाबी फायरिंग की, जिसमें दोनों आरोपियों के पैरों में गोली लगी और वे वहीं ढेर हो गए।
घायल आरोपियों की पहचान और बरामदगी
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नाम: पकड़े गए घायल बदमाशों की पहचान सचिन (निवासी: डाबर कॉलोनी) और नवीन (निवासी: सुभाष नगर) के रूप में हुई है।
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अस्पताल में भर्ती: दोनों घायलों को तुरंत इलाज के लिए सिविल अस्पताल ले जाया गया है। पुलिस ने मौके से दो देसी पिस्तौल भी बरामद की हैं।
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एक आरोपी पहले ही गिरफ्तार: इस मामले में सीआईए-1 की टीम तीसरे आरोपी शरद उर्फ जोगी को कुटानी रोड इलाके से पहले ही दबोच चुकी है।
क्या था पूरा मामला? (लूट और बेरहम कत्ल)
यह जघन्य वारदात 1 जून की रात को हुई थी:
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पैदल लौट रहे थे घर: एसबीआई हिसार की रीजनल शाखा के मुख्य प्रबंधक हर्षद कुमार बस स्टैंड से पैदल अपने घर लौट रहे थे।
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पेंचकस से किया हमला: सेक्टर-25 में मित्तल मॉल के पीछे तीन बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। बदमाशों ने उनसे सोने की चेन, चांदी का ब्रेसलेट, मोबाइल और पर्स लूट लिया। जब हर्षद कुमार ने इसका विरोध किया, तो बदमाशों ने उनके सिर पर पेंचकस से कई वार किए।
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इलाज के दौरान मौत: गंभीर रूप से घायल मैनेजर को दिल्ली के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहाँ इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया।
आगे की कार्रवाई: पानीपत पुलिस अब पकड़े गए इन शातिर बदमाशों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि इस पूरे नेटवर्क में और कौन-कौन शामिल है।