चंडीगढ़: हरियाणा सरकार प्रदेश के किसानों की समृद्धि और सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए ‘सरस्वती नदी प्रोजेक्ट’ को जल्द ही पूरा करने जा रही है। सरकार इस महत्वाकांक्षी परियोजना को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही रेणुका डैम के निर्माण कार्य में तेजी आ गई है और जल्द ही आदिबद्री डैम का निर्माण कार्य भी शुरू होने वाला है।
सरस्वती नदी बोर्ड और HPCCL के बीच अहम बैठक
इस बड़ी परियोजना की प्रगति की समीक्षा के लिए सरस्वती नदी बोर्ड के अधिकारियों ने डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमच के नेतृत्व में एक महत्वपूर्ण बैठक की। हिमाचल प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (HPCCL) डैम प्रोजेक्ट अथॉरिटी के जनरल मैनेजर (GM) अनूप कुमार शर्मा के कार्यालय में आयोजित इस बैठक में आदिबद्री और रेणुका डैम परियोजनाओं के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
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जल्द शुरू होगा काम: बैठक में एचपीपीसीएल के अधिकारियों ने आदिबद्री डैम का काम जल्द से जल्द शुरू करने पर अपनी सहमति दे दी है।
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बैराज का निर्माण: अधिकारियों ने बताया कि डैम के निर्माण के साथ-साथ वहां बैराज बनाने का काम भी बहुत जल्द शुरू कर दिया जाएगा।
टेंडर प्रक्रिया अंतिम चरण में: किसानों में खुशी की लहर
सरस्वती बोर्ड के डिप्टी चेयरमैन धूमन सिंह किरमच ने बताया कि मुख्यमंत्री और सरस्वती बोर्ड के चेयरमैन नायब सिंह सैनी के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुसार दोनों ही परियोजनाओं का कार्य अपने अंतिम चरण में है और टेंडर प्रक्रिया तक पहुंच चुका है। सरकार अब इस प्रक्रिया को तेजी से पूरा कर प्रदेश के किसानों को बहुत बड़ी खुशखबरी देने वाली है।
भविष्य की मजबूत रणनीति है यह प्रोजेक्ट
वर्तमान में हरियाणा सरकार के निरंतर प्रयासों से राज्य के किसानों के लिए पानी की उपलब्धता में उल्लेखनीय सुधार हुआ है। सरस्वती नदी में पानी का प्रवाह शुरू होने से इसके आस-पास के क्षेत्रों के किसानों के चेहरे खिल गए हैं और भूमिगत जल स्तर में भी सुधार हो रहा है। सरकार इस सरस्वती नदी प्रोजेक्ट को भविष्य की एक बेहद गंभीर और मजबूत जल रणनीति के रूप में देख रही है, जिससे आने वाले समय में प्रदेश में पानी की कोई कमी न रहे।