जालंधर: पंजाब में फगवाड़ा स्थित भगवान परशुराम की तपोस्थली खाटी धाम के विकास फंड को लेकर सियासी सरगर्मियां तेज हो गई हैं। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पंजाब ब्राह्मण वेलफेयर बोर्ड के पूर्व डायरेक्टर रवीश राज शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री व मौजूदा सांसद चरणजीत सिंह चन्नी से मुलाकात की। इस मुलाकात के दौरान उन्होंने खाटी धाम के विकास के लिए जारी की गई 10 करोड़ रुपये की ग्रांट के दुरुपयोग का गंभीर मुद्दा उठाया।
“धरातल पर नहीं हुआ कोई काम, ब्राह्मण समाज में नाराजगी”
कांग्रेस नेता रवीश राज शर्मा ने बताया कि साल 2021 में जब चरणजीत सिंह चन्नी पंजाब के मुख्यमंत्री थे, तब उन्होंने खाटी धाम के जीर्णोद्धार और विकास के लिए 10 करोड़ रुपये की विशेष ग्रांट मंजूर की थी।
शर्मा ने मौजूदा सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा:
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फंड का हुआ दुरुपयोग: खाटी धाम के विकास के लिए आवंटित पैसा दूसरे कामों पर डाइवर्ट कर खर्च कर दिया गया है।
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दावे और हकीकत में फर्क: सरकार की ओर से खाटी धाम में जितना पैसा लगाने का दावा किया जा रहा है, धरातल (ग्राउंड जीरो) पर वैसा कोई काम नजर नहीं आ रहा है।
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समाज में रोष: इस लापरवाही और फंड के दुरुपयोग के कारण पूरे ब्राह्मण समाज में मौजूदा सरकार के खिलाफ भारी नाराजगी है।
रवीश राज शर्मा ने पूर्व मुख्यमंत्री से इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाने की अपील की है।
पूर्व सीएम चन्नी का बड़ा बयान: ‘दूसरे कामों में खर्च किया जा रहा है फंड’
कांग्रेस नेता की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए सांसद एवं पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी ने उन्हें ठोस कार्रवाई का भरोसा दिलाया है। चन्नी ने कहा कि वह एक सप्ताह के भीतर खुद फगवाड़ा के खाटी धाम का दौरा करेंगे। वहां जाकर वे अब तक हुए विकास कार्यों की वास्तविक रिपोर्ट लेंगे और इस बात की गहन जांच करेंगे कि 10 करोड़ रुपये की ग्रांट में से 90% से ज्यादा का फंड आखिर कहां और किस मद में खर्च किया गया।
चन्नी ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आगे कहा कि वर्तमान में पंजाब सरकार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके मुख्यमंत्री रहते हुए जो फंड विभिन्न विकास कार्यों के लिए जारी किए गए थे, उन्हें भी मौजूदा सरकार द्वारा दूसरे कार्यों पर खर्च किया जा रहा है।
अब चन्नी के आगामी दौरे और इस मामले पर होने वाली जांच के बाद पंजाब की सियासत और गरमाने के आसार हैं।