गुरुग्राम। महिला सुरक्षा, साइबर अपराधों से बचाव और नशा मुक्ति के प्रति समाज को जागरूक करने के लिए गुरुग्राम पुलिस ने एक विशेष पहल की है। पुलिस आयुक्त शिवास कविराज के दिशा-निर्देशों पर महिला थाना पश्चिम की पुलिस टीम ने उद्योग विहार की तीन निजी कंपनियों में एक दिवसीय जागरूकता सेमिनार का आयोजन किया।
थाना प्रभारी निरीक्षक गीता के नेतृत्व में महिला उप निरीक्षक पूनम और दुर्गा शक्ति टीम ने इन कंपनियों के लगभग 250 महिला एवं पुरुष कर्मचारियों को सुरक्षा और आत्मनिर्भरता का पाठ पढ़ाया।
कानूनी प्रावधानों और आपातकालीन सेवाओं की जानकारी
सेमीनार के दौरान पुलिस टीम ने कर्मचारियों को महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानूनों और अधिकारों के बारे में विस्तार से बताया। इसके साथ ही आपातकालीन स्थिति में मदद पाने के लिए विभिन्न सरकारी सेवाओं की जानकारी दी गई:
-
डायल-112: किसी भी आपात स्थिति में तुरंत पुलिस सहायता के लिए।
-
इंडिया ऐप और ट्रिप मॉनिटरिंग सेवा: सफर के दौरान महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए इसके इस्तेमाल का तरीका बताया गया।
-
इसके अलावा टीम ने सभी को यातायात नियमों का कड़ाई से पालन करने और एड्स जैसी गंभीर बीमारियों के प्रति सतर्क रहने की भी सलाह दी।
साइबर अपराधों से कैसे बचें?
आज के डिजिटल युग में बढ़ते ऑनलाइन फ्रॉड को देखते हुए सेमिनार में साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस ने कर्मचारियों को समझाया कि:
-
सोशल मीडिया का इस्तेमाल करते समय किन सावधानियों को बरतना जरूरी है।
-
ऑनलाइन और डिजिटल ठगी (Cyber Fraud) के तौर-तरीकों को कैसे पहचानें।
-
यदि कोई डिजिटल धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो उसकी शिकायत तुरंत कहाँ और कैसे दर्ज कराएं।
आत्मरक्षा के गुर और नशा मुक्ति का संकल्प
-
आत्मरक्षा (Self Defense): दुर्गा शक्ति टीम ने महिला कर्मचारियों को विषम परिस्थितियों से निपटने और अपनी सुरक्षा स्वयं करने के लिए आत्मरक्षा के व्यावहारिक तरीके सिखाए, जिससे उनका आत्मविश्वास बढ़ सके।
-
नशा मुक्ति अभियान: युवाओं और कर्मचारियों को नशे के दलदल से दूर रखने के लिए इसके शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्प्रभावों पर चर्चा की गई। पुलिस ने सभी से एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की अपील की।
जन-सहयोग है अनिवार्य: पुलिस टीम ने स्पष्ट किया कि अपराध और नशे से मुक्त समाज के निर्माण के लिए आम जनता का सहयोग बेहद जरूरी है। यदि आस-पास कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखे, तो तुरंत उसकी सूचना डायल-112 पर दें।
निजी कंपनियों के प्रबंधन और कर्मचारियों ने गुरुग्राम पुलिस की इस अनूठी पहल की सराहना की और सुरक्षा नियमों का पालन करने के साथ-साथ नशा मुक्ति के अभियान में पूरा सहयोग देने का संकल्प लिया।