पंचकूला। आईडीएफसी (IDFC) बैंक एफडी घोटाला मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी सीबीआई (CBI) ने अपनी कार्रवाई काफी तेज कर दी है। इस हाई-प्रोफाइल मामले की कड़ियों को जोड़ते हुए सीबीआई की टीम एक वरिष्ठ आईएएस (IAS) अधिकारी के आवास पर छापेमारी कर रही है। जांच एजेंसी इस घोटाले से जुड़े वित्तीय लेन-देन (Financial Transactions) और इसमें शामिल अधिकारियों की भूमिका की बारीकी से पड़ताल कर रही है।
चार्जशीट के बाद सीबीआई का बड़ा एक्शन
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) इस बैंक एफडी घोटाले में पहले ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। अब एजेंसी चार्जशीट में सामने आए पुख्ता तथ्यों, गवाहों और सबूतों के आधार पर इस अगली कार्रवाई को अंजाम दे रही है।
मनी ट्रेल और पैसों के प्रवाह पर मुख्य फोकस
सीबीआई की इस जांच का मुख्य केंद्र बिंदु कथित घोटाले के ‘मनी ट्रेल’ (Money Trail) का पता लगाना है। एजेंसी इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि:
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निवेश और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) के नाम पर हेरफेर किए गए पैसों का प्रवाह किस-किस दिशा में हुआ।
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इस पूरे वित्तीय लेन-देन के दौरान किन-किन बाहरी लोगों या बिचौलियों को अनुचित लाभ पहुँचाया गया।
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बैंक के इस घोटाले में सरकारी अधिकारियों की क्या और कितनी भूमिका रही।
वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की समीक्षा
जांच एजेंसी के रडार पर अब कई बड़े नाम हैं। सूत्रों के अनुसार, सीबीआई इस बात की समीक्षा कर रही है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया के दौरान क्या आईएएस अधिकारियों की मिलीभगत या संलिप्तता थी। इसी सिलसिले में संबंधित वरिष्ठ अधिकारी के सरकारी आवास पर मौजूद दस्तावेजों, डिजिटल सबूतों और अन्य साक्ष्यों को खंगाला जा रहा है।
प्रशासनिक गलियारों में हलचल: हालांकि, इस छापेमारी को लेकर अभी तक सीबीआई की ओर से कोई आधिकारिक बयान या विस्तृत जानकारी साझा नहीं की गई है, लेकिन एक वरिष्ठ आईएएस अधिकारी के घर हुई इस कार्रवाई ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में इस घोटाले से जुड़े कई और चौंकाने वाले तथ्य सामने आ सकते हैं।