पंजाब में ₹3,089.57 करोड़ का महाघोटाला: फर्जी बिलिंग और मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का पर्दाफाश, ED की शिकायत पर FIR दर्ज

Punjab

लुधियाना: पंजाब के औद्योगिक शहर मंडी गोबिंदगढ़ में फर्जी बिलिंग और जीएसटी (GST) चोरी का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने करीब ₹3,089.57 करोड़ के कथित घोटाले और उससे जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। आरोपियों ने फर्जी कंपनियों के जरिए बिना किसी वास्तविक व्यापार के सिर्फ कागजों पर करोड़ों रुपये का लेन-देन दिखाया और सरकार को भारी वित्तीय नुकसान पहुंचाया।

ईडी की लंबी जांच के बाद लुधियाना के थाना जमालपुर में पांच नामजद आरोपियों सहित कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है।

कागजों पर चल रहा था करोड़ों का ‘खेल’

यह एफआईआर ईडी के दिल्ली मुख्यालय में तैनात डिप्टी डायरेक्टर सूरज कुमार यादव की शिकायत पर दर्ज की गई है। इस घोटाले का तरीका कुछ इस प्रकार था:

  • बोगस आईटीसी (ITC) का लाभ: विभिन्न फर्जी कंपनियों द्वारा केवल कागजी लेन-देन दिखाकर करोड़ों रुपये के बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का फायदा उठाया जा रहा था।

  • वास्तविक व्यापार शून्य: जमीनी स्तर पर किसी भी माल (Goods) की खरीद या बिक्री नहीं हो रही थी।

  • डेटा टूल्स से खुली पोल: केंद्र सरकार के ‘बिजनेस इंटेलिजेंस एंड फ्रॉड एनालिटिक्स’ और जीएसटी इंटेलिजेंस के एडवांस डेटा एनालिटिक्स सॉफ्टवेयर ने जब करोड़ों रिकॉर्ड्स का विश्लेषण किया, तो कंपनियों के बीच असामान्य लेन-देन का यह पैटर्न पकड़ा गया।

चौंकाने वाला खुलासा: जब केंद्रीय एजेंसियों ने संबंधित कंपनियों के जीएसटी रजिस्ट्रेशन, पैन और पहचान दस्तावेजों की जांच की, तो पाया कि अलग-अलग नामों से चल रही कई कंपनियों के रिकॉर्ड में एक ही मोबाइल नंबर, एक ही ईमेल आईडी और एक ही ऑफिस का पता दर्ज था।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के APMC खातों का दुरुपयोग

ईडी की छापेमारी में डिजिटल रिकॉर्ड और बैंक दस्तावेजों के विश्लेषण से एक बेहद गंभीर बात सामने आई है। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक के एपीएमसी (APMC) खातों का इस्तेमाल किया:

  • इन खातों में ₹3,000 करोड़ से अधिक की राशि ट्रांसफर की गई।

  • रकम जमा होने के बाद उसे अलग-अलग खातों में घुमाया गया और फिर बड़ी मात्रा में नकदी (कैश) निकालकर मनी लॉन्ड्रिंग की गई।

  • वजह: कृषि उत्पाद बाजार समिति (APMC) यानी मंडियों के खातों में रोजाना करोड़ों-अरबों का कारोबार होता है और ग्रामीण क्षेत्रों में नकद भुगतान की परंपरा है। आरोपियों ने इस व्यवस्था का फायदा उठाया ताकि उनका भारी लेन-देन सामान्य कृषि व्यापार का हिस्सा लगे और किसी को शक न हो।

पंजाब के कई शहरों के कारोबारी रडार पर

ईडी के सहायक निदेशक सूरज कुमार यादव ने 19 जून 2026 को पंजाब पुलिस को विस्तृत शिकायत भेजी थी, जिसके बाद तुरंत कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज की गई।

ईडी की जांच में सामने आया है कि इस सिंडिकेट के तार पंजाब के कई बड़े शहरों से जुड़े हैं। लुधियाना, मंडी गोबिंदगढ़, खन्ना, जालंधर, अमृतसर और पटियाला के कई बड़े कारोबारियों के नाम इस घोटाले में सामने आए हैं। फिलहाल ईडी इन सभी के बैंक खातों को खंगाल रही है, जिससे आने वाले दिनों में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां और खुलासे होने की पूरी संभावना है।

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