मलोट (श्री मुक्तसर साहिब): पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब ज़िले के मलोट क्षेत्र में न्याय की मांग को लेकर तनाव और विरोध का माहौल गरमा गया है। ‘अनाज मंडी मज़दूर संघ पंजाब’ के राज्य उपाध्यक्ष सुदेश पाल सिंह खालसा मलोट मार्केट कमेटी के सचिव मनदीप रहेजा के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने की मांग को लेकर पिछले करीब 33 घंटों से आमरण अनशन पर बैठे हैं।
खालसा का स्पष्ट कहना है कि जब तक आरोपी अधिकारी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक वे सिर्फ पानी ग्रहण करते हुए अपना अनशन जारी रखेंगे और धरना स्थल से नहीं हटेंगे। बता दें कि इस भूख हड़ताल से पहले उन्होंने 5 जून से 19 जून 2026 तक लगातार 13 दिनों तक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन भी किया था।
क्या है पूरा मामला?
यह पूरा विवाद 25 अप्रैल 2026 की एक कथित फोन कॉल से जुड़ा हुआ है। आरोपों के मुताबिक, मार्केट कमेटी के सचिव मनदीप रहेजा ने ‘गल्ला ग्रेन मार्केट मज़दूर संघ मलोट’ के अध्यक्ष संदीप कुमार बमानिया से फोन पर बातचीत के दौरान राज्य उपाध्यक्ष सुदेश पाल सिंह खालसा के खिलाफ बेहद आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया था और उनकी गतिविधियों पर अभद्र टिप्पणी की थी।
55 दिन बाद भी कार्रवाई न होने से बढ़ा रोष
घटना वाले दिन (25 अप्रैल) को ही मलोट सिटी पुलिस स्टेशन में इस संबंध में शिकायत दर्ज करा दी गई थी। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि शिकायत के 55 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस और प्रशासन ने मामले में कोई ठोस कदम नहीं उठाया है। इसी प्रशासनिक ढुलमुल रवैए और देरी से खफा होकर सुदेश पाल सिंह खालसा को भूख हड़ताल का रास्ता चुनना पड़ा।
प्रदर्शनकारी नेता का कहना है कि उनकी मांग पूरी तरह से निष्पक्ष जांच और न्याय तक सीमित है। वहीं दूसरी ओर, इस गंभीर होते जा रहे मामले और भूख हड़ताल पर प्रशासन की तरफ से अभी तक कोई भी आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।