हरियाणा सरकार का बड़ा एक्शन: नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी डॉक्टर पर आर्थिक चोट, ₹1.15 लाख की पेंशन घटाकर की मात्र ₹9 हज़ार

Haryana

चंडीगढ़/कुरुक्षेत्र: हरियाणा सरकार ने कुरुक्षेत्र जिला अस्पताल में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म के आरोपी डॉक्टर शैलेंद्र कुमार के खिलाफ बेहद कड़ा रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री की हरी झंडी मिलने के बाद राज्य सरकार ने आरोपी डॉक्टर की पेंशन को घटाकर न्यूनतम स्तर पर लाने का ऐतिहासिक फैसला किया है। इसके तहत डॉक्टर को मिलने वाली ₹1,15,000 की मासिक पेंशन को घटाकर अब मात्र ₹9,000 कर दिया गया है।

भत्तों को मिलाकर अब मिलेंगे केवल ₹15,000

पेंशन में की गई इस भारी कटौती के बाद अब आरोपी डॉक्टर को भत्तों समेत हर महीने केवल ₹15,000 ही मिल सकेंगे। स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई इस अभूतपूर्व कार्रवाई को राज्य सरकार के एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है। सरकार ने साफ कर दिया है कि महिलाओं और बच्चों के खिलाफ गंभीर अपराध करने वालों को न केवल कानून के तहत सलाखों के पीछे भेजा जाएगा, बल्कि उनकी सरकारी सुविधाओं और आर्थिक हितों पर भी कड़ा प्रहार किया जाएगा।

क्या है पूरा मामला?

विभागीय सूत्रों के मुताबिक, स्वास्थ्य विभाग के इतिहास में इस तरह की दंडात्मक कार्रवाई पहली बार की गई है। यह पूरा मामला बीती 29 मई का है, जब कुरुक्षेत्र जिला अस्पताल में बतौर कंसलटेंट (परामर्शदाता चिकित्सक) कार्यरत डॉ. शैलेंद्र कुमार पर अस्पताल आई एक नाबालिग लड़की के साथ कई बार दुष्कर्म करने का संगीन आरोप लगा था।

नौकरी से पहले ही किया जा चुका है बर्खास्त

मामला उजागर होने के अगले ही दिन पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने तत्काल प्रभाव से उसकी सेवाएं समाप्त कर दी थीं।

जानकारी के अनुसार, डॉ. शैलेंद्र कुमार अपनी नियमित सेवानिवृत्ति (Retirement) के बाद दोबारा संविदा (कॉन्ट्रेक्ट) के आधार पर अस्पताल में नियुक्त हुआ था, लेकिन इस घिनौने कृत्य के बाद उसे नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया। अब विभाग ने उसके खिलाफ वित्तीय कार्रवाई करते हुए उसकी पेंशन को भी न्यूनतम स्तर पर ला दिया है।

पहले भी जेल जा चुका है आरोपी डॉक्टर

मामले में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि डॉ. शैलेंद्र कुमार का इतिहास पहले से दागी रहा है। इससे पहले भी उसका नाम एक महिला से दुष्कर्म के मामले में सामने आ चुका है, जिसके चलते वह जेल की हवा भी खा चुका है। पुराने ट्रैक रिकॉर्ड और इस नए मामले की गंभीरता को देखते हुए ही हरियाणा सरकार ने यह कड़ा और नजीर पेश करने वाला कदम उठाया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *