पंचकूला/चंडीगढ़: अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में शिरकत की। इस दौरान उन्होंने योग को एक बड़ा जन आंदोलन बनाने और युवाओं में स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए कई ऐतिहासिक घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने एलान किया कि आगामी शैक्षणिक सत्र से प्रदेश के स्कूलों में कक्षा 3 से लेकर कक्षा 9वीं तक के पाठ्यक्रम में योग शिक्षा को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा, जिससे विद्यार्थियों का शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक विकास हो सके।
शिक्षकों को मिलेगी विशेष ट्रेनिंग, भर्ती परीक्षाओं में भी आएंगे योग के प्रश्न
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि स्कूलों में योग शिक्षा को नियमित और प्रभावी बनाने के लिए सभी पी.टी.आई. (PTI), डी.पी.ई.डी. (D.P.Ed), पी.जी.टी. (PGT) और चयनित पी.आर.टी. (PRT) शिक्षकों को योगासनों का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त, युवाओं को योग से जोड़ने के लिए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) और हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) द्वारा आयोजित की जाने वाली सभी सरकारी भर्ती परीक्षाओं में योग से जुड़े प्रश्नों को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाएगा।
मोरनी में खुलेगा राज्य स्तरीय संस्थान, खेल नीति में शामिल होगा योगासन
योग और प्राकृतिक चिकित्सा को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री ने अन्य बड़ी घोषणाएं भी कीं:
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मोरनी में नया संस्थान: पंचकूला के मोरनी में प्राकृतिक चिकित्सा एवं योग के क्षेत्र में एक राज्य स्तरीय संस्थान स्थापित किया जाएगा, जहां स्नातक (Graduation) स्तर के कोर्स संचालित होंगे।
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सेंटर ऑफ एक्सीलेंस: प्रदेश के विश्वविद्यालयों में बन रहे 5 ‘सेंटर ऑफ एक्सीलेंस’ में योग को एक प्रमुख घटक के रूप में जोड़ा जाएगा।
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खेल नीति: राज्य की खेल नीति के तहत अब ‘योगासन’ को एक आधिकारिक खेल विधा के रूप में शामिल किया जाएगा।
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आयुष नियुक्तियां: योग के साथ आयुर्वेद के कुछ अंशों को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा और पूर्व में स्वीकृत आयुष योग कोच व प्रशिक्षकों के रिक्त पदों पर जल्द भर्तियां की जाएंगी।
प्रार्थना सभा में ‘राज्य गीत’ का सामूहिक गायन होगा अनिवार्य
स्कूली शिक्षा में गुणात्मक और सांस्कृतिक सुधार के लिए मुख्यमंत्री ने एक और बड़ा निर्णय लिया। अब प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों में सुबह की प्रार्थना सभा (Prayer) के दौरान ‘राज्य गीत’ का सामूहिक गायन सुनिश्चित किया जाएगा। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस पहल से विद्यार्थियों में राज्य के प्रति गौरव, अनुशासन, राष्ट्रीय चेतना और सांस्कृतिक मूल्यों का विकास होगा। उन्होंने कहा कि इन सभी कदमों से योग सिर्फ एक व्यायाम न रहकर जीवन जीने की वैज्ञानिक पद्धति के रूप में स्थापित होगा।