पंजाब में ट्रैफिक नियमों पर सबसे बड़ी सख्ती: अब इन 3 अपराधों पर मौके पर नहीं कटेगा चालान, सीधे जाना होगा कोर्ट

Punjab

चंडीगढ़: पंजाब में सड़क हादसों को रोकने और ट्रैफिक व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए मान सरकार ने एक बेहद कड़ा फैसला लिया है। परिवहन विभाग के नए आदेशों के अनुसार, अब तीन गंभीर ट्रैफिक अपराधों को ‘गैर-समझौतायोग्य’ (Non-Compoundable) श्रेणी में डाल दिया गया है।

इसका सीधा मतलब यह है कि अब इन गलतियों पर मौके पर जुर्माना देकर या ई-चालान के जरिए पीछा नहीं छूटेगा। पुलिस सीधे कोर्ट में केस भेजेगी और सजा या जुर्माने का फैसला न्यायिक मजिस्ट्रेट (Judicial Magistrate) करेंगे।

1. खतरनाक ड्राइविंग (Dangerous Driving – धारा 184)

अगर आप लापरवाही से गाड़ी चलाते हैं, तो पुलिस आपकी अभियोजन रिपोर्ट (Prosecution Report) तैयार करेगी और जरूरत पड़ने पर ड्राइविंग लाइसेंस भी जब्त कर सकती है। इसमें ये चार गलतियां शामिल हैं:

  • रेड लाइट (लाल बत्ती) पार करना।

  • स्टॉप साइन (Stop Sign) की अनदेखी करना।

  • सड़क पर गलत दिशा (Wrong Side) में वाहन चलाना।

  • ऐसी ड्राइविंग करना जिससे दूसरों की जान को खतरा हो।

2. शराब पीकर गाड़ी चलाना (Drunk Driving – धारा 185, 188)

नशे की हालत में वाहन चलाने वालों पर अब कोई ढील नहीं मिलेगी:

  • पुलिस मौके पर ही ब्रीथ एनालाइजर या मेडिकल जांच करेगी।

  • मामला सीधे कोर्ट जाएगा, जहां दोषी पाए जाने पर भारी जुर्माना, जेल की सजा या ड्राइविंग लाइसेंस हमेशा के लिए निलंबित हो सकता है।

3. नाबालिगों का वाहन चलाना (Underage Driving)

अगर कोई नाबालिग (Minor) गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया, तो वह मामला भी नॉन-कंपाउंडेबल होगा:

  • किसे होगी सजा?: नाबालिग के साथ-साथ वाहन मालिक और माता-पिता/अभिभावक के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई होगी।

  • अतिरिक्त कार्रवाई: गाड़ी का रजिस्ट्रेशन (RC) रद्द या निलंबित किया जा सकता है और अभिभावकों पर भारी जुर्माना लग सकता है।

अब ऐसे होगी पुलिसिया कार्रवाई (नया प्रोसेस)

डिजिटल सबूत होंगे अनिवार्य: नए नियमों के मुताबिक, ट्रैफिक पुलिस को हर गंभीर उल्लंघन के पुख्ता सबूत जुटाने होंगे। इसके लिए मौके के वीडियो और फोटो लिए जाएंगे ताकि कोर्ट में केस कमजोर न पड़े।

  • स्टेप 1: पुलिस नियम तोड़ने वाले का चालान काटकर वीडियो/फोटो साक्ष्य जुटाएगी।

  • स्टेप 2: एक विस्तृत अभियोजन रिपोर्ट तैयार की जाएगी।

  • स्टेप 3: मामले को सीधे कोर्ट (न्यायिक मजिस्ट्रेट) भेजा जाएगा।

  • स्टेप 4: कोर्ट से समन जारी होने के बाद आरोपी को अदालत में पेश होना होगा।

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