बठिंडा: मौड़ हलके के ऐतिहासिक गांव मंडी कलां में आयोजित एक विशाल ‘लोक मिलनी’ के दौरान पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शिरोमणि अकाली दल और बादल परिवार पर तीखा हमला बोला। सीएम मान ने साफ कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब हर सिख और पंजाबी के लिए सर्वोच्च व पवित्र है, लेकिन कुछ लोग अपने राजनीतिक और निजी हितों के लिए इस महान संस्था का दुरुपयोग कर रहे हैं।
उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि पिछले 14 साल से लंबित शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के चुनाव तुरंत कराए जाएं।
बादल परिवार पर माफिया को संरक्षण देने का आरोप
मुख्यमंत्री ने सुखबीर सिंह बादल और उनके परिवार को घेरते हुए कई गंभीर आरोप लगाए:
-
संगत के पैसे का दुरुपयोग: बाढ़ के दौरान सुखबीर बादल ने जो पैसा बांटा, वह उनकी कमाई का नहीं बल्कि गुरुद्वारों में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाई गई भेंट का था। उन्होंने अपने पिता के भोग के समय भी लंगर का प्रबंध खुद करने के बजाय श्री मुक्तसर साहिब से लंगर मंगवाया।
-
माफिया राज को बढ़ावा: बादल परिवार ने जमीन, रेत, ट्रांसपोर्ट और ‘चिट्टे’ (नशे) के माफिया को संरक्षण देकर पंजाब को बर्बादी की कगार पर धकेला।
-
पंथ का शोषण: उन्होंने गुरु साहिबान के नाम पर वोट लिए, लेकिन निजी हितों के लिए पंथ का दुरुपयोग किया और गुरबानी का निरादर किया।
बेअदबी के खिलाफ नया सख्त कानून: ‘जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार अधिनियम, 2026’
सीएम मान ने बताया कि उनकी सरकार ने बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐतिहासिक कदम उठाया है:
-
सजा का प्रावधान: नए कानून के तहत बेअदबी की कोशिश करने वाले को 10 साल से लेकर उम्रकैद तक की सजा हो सकती है।
-
भारी जुर्माना: दोषी पर 50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। जुर्माना न भरने की सूरत में दोषी की संपत्ति बेचकर वसूली की जाएगी।
“श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता समान हैं। यह कानून एक मजबूत प्रतिरोधक का काम करेगा ताकि आने वाली पीढ़ियां ऐसा गुनाह करने की हिम्मत न कर सकें।” — भगवंत सिंह मान, मुख्यमंत्री
मंडी कलां गांव के लिए बड़े ऐलान
मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ‘मांवाँ-धीयां सम्मान योजना’, नहरी सिंचाई के विस्तार, दिन में बिजली आपूर्ति और शिक्षा सुधारों का जिक्र करते हुए मंडी कलां गांव के विकास के लिए निम्नलिखित घोषणाएं कीं:
-
गांव के विकास के लिए 50 लाख रुपये की ग्रांट।
-
युवाओं के लिए एक नई डिजिटल लाइब्रेरी की स्थापना।
-
गांव की 55 साल पुरानी ऐतिहासिक धर्मशाला का नवीनीकरण।