चंडीगढ़: हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) की कार्यप्रणाली के खिलाफ पंचकूला के सेक्टर-5 में आमरण अनशन पर बैठे अभ्यर्थियों के आंदोलन को अब विपक्ष का बड़ा साथ मिल गया है। हरियाणा के नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने धरना स्थल पर पहुंचकर युवाओं से मुलाकात की और उनकी मांगों का पुरजोर समर्थन किया। इस दौरान उन्होंने अभ्यर्थियों से अपना अनशन समाप्त करने की अपील करते हुए भरोसा दिलाया कि कांग्रेस पार्टी युवाओं को न्याय दिलाने की इस लड़ाई को सड़क से लेकर विधानसभा (सदन) तक पूरी मजबूती से लड़ेगी।
हुड्डा के सरकार और HPSC पर गंभीर आरोप
युवाओं को संबोधित करते हुए भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने राज्य सरकार और हरियाणा लोक सेवा आयोग को आड़े हाथों लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि आयोग सूबे के युवाओं के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रहा है। हुड्डा ने मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दे उठाए:
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स्थानीय युवाओं की अनदेखी: क्लास-A और क्लास-B की महत्वपूर्ण भर्तियों में हरियाणा के स्थानीय युवाओं को दरकिनार कर बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता दी जा रही है।
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आरक्षण नियमों की अवहेलना: पिछड़ा वर्ग (BC) और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के लिए आरक्षित पदों को पूरा नहीं भरा जा रहा है।
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कड़े नियम और खाली पद: भर्ती प्रक्रियाओं में कहीं 35 प्रतिशत पात्रता (Eligibility Criteria) का मनमाना मानदंड लगाकर योग्य अभ्यर्थियों को बाहर का रास्ता दिखाया जा रहा है, तो कहीं पदों को जानबूझकर खाली छोड़ दिया जाता है।
उच्चस्तरीय समिति (High-Level Committee) गठित करने की मांग
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि HPSC के इस अड़ियल और अनुचित रवैये के कारण आज हरियाणा का युवा गहरे डिप्रेशन और निराशा में है। उन्होंने सरकार से इस संवेदनशील मामले में तुरंत हस्तक्षेप करने की मांग की।
हुड्डा ने राज्य सरकार के सामने यह मांग रखी कि युवाओं की इन जायज मांगों को सुलझाने के लिए तत्काल एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया जाए। यह समिति भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता (Transparency), निष्पक्षता और सभी आरक्षित व अनारक्षित वर्गों के अभ्यर्थियों के साथ न्याय सुनिश्चित करने का काम करे।