7 रुपये की लॉटरी ने बदली किस्मत: 15 लाख के कर्ज में डूबे पंजाब के कवलजीत सिंह बने करोड़पति, मस्कट से लौटकर कर रहे थे मजदूरी

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बटाला (पंजाब): किस्मत कब और कैसे बदल जाए, इसका ताजा उदाहरण पंजाब के बटाला से सामने आया है। यहां के गांव वडाला ग्रंथियां के रहने वाले कवलजीत सिंह की किस्मत रातों-रात चमक गई है। भारी कर्ज के बोझ तले दबे कवलजीत ने मात्र 7 रुपये का लॉटरी टिकट खरीदा था, जिस पर अब पूरे 1 करोड़ रुपये का बंपर इनाम निकला है। इस ऐतिहासिक जीत के बाद से कवलजीत के परिवार और पूरे गांव में जश्न का माहौल है।

कर्ज के बोझ तले दबे थे, मस्कट से खाली हाथ लौटे थे वापस

कवलजीत सिंह की कहानी संघर्षों से भरी रही है। उन्होंने बताया कि अपने परिवार के बेहतर भविष्य की उम्मीद में उन्होंने कर्ज लेकर विदेश (मस्कट) जाने का फैसला किया था। वहां उन्होंने ड्राइवर के तौर पर काम भी शुरू किया, लेकिन काम रास न आने के कारण उन्हें कुछ ही समय में वापस भारत लौटना पड़ा।

वतन वापसी के बाद कवलजीत पिछले एक साल से गांव में ही मजदूरी कर अपनी आजीविका चला रहे थे। इस बीच, विदेश जाने के लिए लिया गया कर्ज ब्याज समेत बढ़कर करीब 15 लाख रुपये तक पहुंच गया था। इस भारी कर्ज के कारण पूरा परिवार गहरे मानसिक और आर्थिक तनाव से गुजर रहा था।

करोड़पति बनने के बाद क्या है कवलजीत का प्लान?

इतनी बड़ी रकम जीतने के बाद कवलजीत सिंह ने अपनी प्राथमिकताओं को लेकर साफ कहा:

  1. कर्ज से मुक्ति: कवलजीत ने बताया कि उनकी सबसे पहली प्राथमिकता अपने सिर पर चढ़ा 15 लाख रुपये का पूरा कर्ज उतारना है।

  2. नया बिजनेस: कर्ज चुकाने के बाद बची हुई रकम को वह किसी छोटे-मोटे कारोबार में निवेश करेंगे, ताकि भविष्य में परिवार के लिए नियमित कमाई का एक जरिया बन सके और उन्हें दोबारा मजदूरी या तंगी का सामना न करना पड़े।

मां बोलीं- “हम मना करते थे, पहले तो यकीन ही नहीं हुआ”

कवलजीत की मां पिंदरजीत कौर ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए बताया कि परिवार के लोग कवलजीत की लॉटरी खरीदने की आदत से काफी परेशान थे। वे अक्सर उसे टोकते थे और इसे पैसों की बर्बादी मानते थे। लेकिन कवलजीत पिछले कई महीनों से लगातार टिकट खरीद रहा था।

जब कवलजीत ने घर आकर बताया कि उसकी 1 करोड़ रुपये की लॉटरी लग गई है, तो परिवार में किसी को भी उसकी बात पर भरोसा नहीं हुआ। सभी को लगा कि वह हमेशा की तरह कोई मजाक कर रहा है। हालांकि, जब टिकट नंबर और नतीजों का सही से मिलान किया गया और खबर पक्की हुई, तो पूरे परिवार की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए।

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