नम आंखों से जवंदा को दी गई अंतिम विदाई, पैतृक गांव में पंचतत्व में विलीन, बेटे ने दी मुखाग्नि

Punjab

लुधियाना: हजारों प्रशंसकों की मौजूदगी में, नम आंखों के साथ, पंजाबी संगीत जगत के चमकते सितारे राजवीर जवंदा को आज उनके पैतृक गांव पौना में अंतिम विदाई दी गई। गांव के सरकारी स्कूल के पास स्थित ग्राउंड में उनके बेटे दिलावर ने उन्हें मुखाग्नि दी। 35 साल की छोटी उम्र में दुनिया को अलविदा कह गए जवंदा के अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत पंजाबी इंडस्ट्री की कई बड़ी हस्तियां भी पहुंचीं।

यह एक भावुक संयोग ही था कि जवंदा का अंतिम संस्कार उसी ग्राउंड में किया गया, जहां उन्होंने पहली बार मंच पर गाना गाया था। इस मौके पर प्रशंसकों और स्थानीय लोगों ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए यहां उनकी याद में एक स्मारक बनाने की भी इच्छा जताई। अंतिम संस्कार से पहले, हादसे के 11 दिन बाद पहली बार जवंदा की तस्वीर सामने आई, जिसमें उनके सिर पर लाल रंग की पगड़ी सजाई गई थी।

अंतिम दर्शन के लिए मुख्यमंत्री भगवंत मान सीधे जवंदा के पैतृक घर पहुंचे, जहां उन्होंने परिवार के साथ दुख साझा किया। इस मुश्किल घड़ी में सिंगर कंवर ग्रेवाल, कुलविंदर बिल्ला और एमी विर्क जैसे कलाकार भी परिवार के साथ मौजूद रहे।

गौरतलब है कि राजवीर जवंदा का कल, बुधवार (8 अक्टूबर) को सुबह 10:55 बजे मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में निधन हो गया था। एक सड़क हादसे के बाद वह 11 दिनों से अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल द्वारा जारी मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, उनकी मृत्यु का कारण मल्टी-ऑर्गन फेलियर था। निधन के बाद उनके पार्थिव शरीर को पहले मोहाली स्थित उनके घर ले जाया गया और फिर पोस्टमार्टम के बाद आज उनके गांव में अंतिम संस्कार किया गया।

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