पंजाब कैबिनेट ने अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने के नियमों में संशोधन को दी मंजूरी
Punjab Desk: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अध्यक्षता में हुई पंजाब कैबिनेट की बैठक में राज्य भर की अनधिकृत कॉलोनियों में रहने वाले हजारों लोगों को राहत देने वाला बड़ा फैसला लिया गया है। कैबिनेट ने पंजाब अपार्टमेंट एंड प्रॉपर्टी रेगुलेशन (पीएपीआर) नियमों के नियम 31 में संशोधन को मंजूरी दे दी, जिससे रेगुलराइजेशन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
किन कॉलोनियों को मिलेगा फायदा
नए संशोधन के तहत उन कॉलोनियों को नियमित किया जा सकेगा जहां कम से कम 25 प्रतिशत प्लॉट पर पहले ही निर्माण हो चुका है। इसके लिए आवेदन कॉलोनी के प्रमोटर या रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) के जरिए किए जा सकते हैं। यह नियम नोटिफाइड लोकल प्लानिंग एरिया और मास्टर प्लान के तहत तय कृषि भूमि पर भी लागू होगा, हालांकि गमाडा के रीजनल प्लान वाले प्लॉट इससे बाहर रहेंगे।
आवेदन की अंतिम तारीख और पुराने रद्द मामलों को दूसरा मौका
आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख 30 सितंबर 2026 रखी गई है। खास बात यह है कि जिन कॉलोनियों के आवेदन पहले की नीतियों के तहत रद्द हो चुके थे, वे भी अब दोबारा आवेदन कर सकेंगी।
समय-सीमा और शुल्क
- पूरी तरह सही पाए गए आवेदनों पर 30 दिन के भीतर अस्थायी रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट जारी होगा।
- सभी आवेदनों का निपटारा छह महीने के भीतर किया जाएगा।
- आवासीय और औद्योगिक कॉलोनियों के लिए कलेक्टर रेट का 5% कंपाउंडिंग फीस लगेगी।
- वाणिज्यिक कॉलोनियों के लिए यह फीस कमर्शियल कलेक्टर रेट का 10% होगी।
अस्थायी सर्टिफिकेट और तय शुल्क जमा करने के बाद प्लॉट मालिक व्यक्तिगत रूप से अपने प्लॉट का रेगुलराइजेशन सर्टिफिकेट ले सकेंगे, भवन नियमों के मुताबिक मंजूरी हासिल कर सकेंगे और प्लॉट रजिस्टर भी करवा सकेंगे। RWA के जरिए दिए आवेदनों पर RERA के प्रावधान लागू नहीं होंगे, लेकिन प्रमोटर या RWA को जरूरी मंजूरियां, NOC और लंबित विकास कार्य समय पर पूरे करने होंगे।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा का बयान
कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि सरकार ने 25% निर्माण वाली अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित करने का फैसला किया है और 30 सितंबर 2026 तक आवेदन मांगे हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पहले रद्द हो चुके आवेदन भी नए सिरे से स्वीकार किए जाएंगे।





