नई दिल्ली: टीवी के लोकप्रिय क्विज शो ‘कौन बनेगा करोड़पति 18’ के मंच पर इस बार गुजरात के भावनगर जिले के गोरखी गांव से आए गणेश बरैया ने अपनी प्रेरणादायक कहानी साझा की। करीब 3 फीट 4 इंच लंबे गणेश अपनी कद-काठी के बावजूद तमाम चुनौतियों को पार कर डॉक्टर बने हैं। उन्हें उनकी उपलब्धि और संघर्ष के लिए ‘दुनिया के सबसे छोटे डॉक्टर’ के तौर पर भी जाना जाता है।
अमिताभ बच्चन के सामने हॉट सीट पर बैठे गणेश ने अपने बचपन का एक ऐसा किस्सा सुनाया, जिसने शो के माहौल को भावुक कर दिया। उन्होंने बताया कि बचपन में उनकी कद-काठी देखकर सर्कस से जुड़े कुछ लोग उनके घर पहुंचे थे और उन्हें अपने साथ ले जाने का प्रस्ताव दिया था।
सर्कस वालों ने दिया था 5 लाख रुपये का ऑफर
गणेश ने बताया कि जब वह स्कूल में पढ़ रहे थे, उस दौरान कुछ सर्कसकर्मी उनके घर आए थे। उन्होंने गणेश को अपने साथ ले जाने के बदले उनके पिता को 5 लाख रुपये देने की पेशकश की थी।
उस समय परिवार के सामने यह एक बड़ा आर्थिक प्रस्ताव था, लेकिन गणेश के पिता ने पैसों को महत्व देने के बजाय अपने बेटे की शिक्षा को प्राथमिकता दी। उन्होंने सर्कस का प्रस्ताव ठुकरा दिया और गणेश की पढ़ाई जारी रखी।
पिता के फैसले ने बदल दी जिंदगी
गणेश ने KBC के मंच पर बताया कि उनके पिता का वह फैसला उनकी जिंदगी में बेहद महत्वपूर्ण साबित हुआ। अगर उस समय उनके पिता पैसे के लालच में आ जाते तो शायद उनकी जिंदगी की दिशा कुछ और होती।
पिता ने उन्हें शिक्षा हासिल करने के लिए प्रोत्साहित किया और गणेश ने भी तमाम मुश्किलों के बावजूद हार नहीं मानी। अपनी शारीरिक चुनौतियों के बीच उन्होंने पढ़ाई जारी रखी और डॉक्टर बनने का सपना पूरा किया।
संघर्ष से हासिल की डॉक्टर बनने की मंजिल
गणेश बरैया लोकोमोटर डिसेबिलिटी के साथ जीवन की चुनौतियों का सामना करते हुए मेडिकल क्षेत्र में पहुंचे। उनकी कहानी इस बात की मिसाल है कि मजबूत इरादे और परिवार के सहयोग से मुश्किल परिस्थितियों को भी मात दी जा सकती है।
KBC 18 के मंच पर गणेश की कहानी सुनकर अमिताभ बच्चन और दर्शक भावुक नजर आए। उनके पिता का 5 लाख रुपये के ऑफर को ठुकराकर बेटे की पढ़ाई को चुनना आज गणेश की सफलता की कहानी का अहम हिस्सा बन चुका है।


