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इमरान खान के बेटों ने PCB चेयरमैन पर साधा निशाना, लॉर्ड्स टेस्ट विवाद पर उठाए सवाल

आईएएनएस, लंदन: पाकिस्तान के पूर्व कप्तान और पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान के बेटों कासिम और सुलेमान खान ने पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के चेयरमैन मोहसिन नकवी की आलोचना की है। दोनों ने इंग्लैंड के खिलाफ हाल ही में खेले गए लॉर्ड्स टेस्ट से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि मैच का बहिष्कार करने की कथित धमकी देकर बोर्ड ने खुद को हास्यास्पद स्थिति में पहुंचा दिया।

यह विवाद टेस्ट मैच के दौरान उस समय सामने आया, जब स्काई स्पोर्ट्स ने इंग्लैंड के पूर्व कप्तान माइकल एथर्टन द्वारा कासिम और सुलेमान खान के साथ किया गया एक इंटरव्यू प्रसारित किया। इस बातचीत में दोनों भाइयों ने जेल में बंद अपने पिता इमरान खान की स्वास्थ्य स्थिति और पाकिस्तान की जेलों में उनकी परिस्थितियों के बारे में बात की थी।

इंटरव्यू के प्रसारण के बाद ऐसी खबरें सामने आईं कि पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने कथित तौर पर स्काई स्पोर्ट्स से इस इंटरव्यू को हटाने की मांग की थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऐसा नहीं होने की स्थिति में PCB ने टेस्ट मैच के पहले दिन लंच के बाद मैदान पर नहीं उतरने की धमकी तक दी थी।

कासिम खान ने रविवार को द टेलीग्राफ से बातचीत में इस पूरे घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि PCB ने इस मामले में खुद का मजाक बनवा लिया। वहीं, सुलेमान खान ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि बोर्ड इतना गलत फैसला लेने की स्थिति तक पहुंच जाएगा कि मैदान पर नहीं उतरने की धमकी दे।

सुलेमान ने सवाल उठाते हुए कहा कि इमरान खान करीब 22 वर्षों तक इंग्लैंड में रहे हैं। ऐसे में उनके बारे में किए गए एक इंटरव्यू को हटाने की मांग करना पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अधिकार क्षेत्र में नहीं होना चाहिए।

दोनों भाइयों ने यह भी स्पष्ट किया कि इंटरव्यू का उद्देश्य राजनीति करना नहीं था। उनके मुताबिक, बातचीत का केंद्र उनके पिता की मानवीय स्थिति और स्वास्थ्य से जुड़ा मुद्दा था।

मिस्बाह-उल-हक ने भी PCB पर उठाए सवाल

इसी बीच पाकिस्तान क्रिकेट से जुड़ा एक अन्य विवाद भी सामने आया है। पाकिस्तान की राष्ट्रीय क्रिकेट टीम के चयनकर्ता का पद छोड़ चुके पूर्व टेस्ट कप्तान मिस्बाह-उल-हक ने देश के क्रिकेट सिस्टम में विदेशी और स्थानीय कोचों के बीच अधिकारों को लेकर सवाल उठाए हैं।

मिस्बाह का कहना है कि पाकिस्तान क्रिकेट में स्थानीय कोचों की तुलना में विदेशी कोचों को अधिक अधिकार और ताकत दी जाती है। उनके इस बयान ने एक बार फिर पाकिस्तान क्रिकेट में कोचिंग व्यवस्था और निर्णय लेने की प्रक्रिया को लेकर बहस छेड़ दी है।

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