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केन्द्रीय बजट 2026: पंजाब की उम्मीदों पर फिरा पानी, CM मान ने जताया कड़ा ऐतराज

Punjab Desk: केन्द्रीय बजट 2026 के पेश होने के बाद पंजाब की सत्ताधारी आम आदमी पार्टी ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान से लेकर राज्य के तमाम कैबिनेट मंत्रियों ने इस बजट को पंजाब विरोधी और दिशाहीन करार दिया है। पंजाब सरकार का मानना है कि इस बजट में राज्य की जायज मांगों को पूरी तरह दरकिनार कर दिया गया है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने जताई गहरी निराशा

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बजट पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह बजट एक बार फिर पंजाब की उम्मीदों को तोड़ने वाला साबित हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बजट में न तो किसानों के लिए एमएसपी की कोई गारंटी दी गई है और न ही युवाओं के लिए रोजगार का कोई ठोस रोडमैप तैयार किया गया है। सीएम मान के अनुसार, उद्योगों और टैक्स प्रणाली में कोई राहत न देकर केंद्र ने पंजाब की अर्थव्यवस्था के साथ नाइंसाफी की है। हालांकि, उन्होंने यह भी संकल्प जताया कि केंद्र की अनदेखी के बावजूद पंजाब के लोग अपने जज्बे के दम पर राज्य को आर्थिक रूप से मजबूत बनाएंगे।

किसानों और कृषि क्षेत्र की अनदेखी पर बरसे वित्त मंत्री

पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बजट को उत्तर भारत के किसानों के साथ धोखा बताया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड में कोई बढ़ोतरी नहीं की है, जिससे कृषि प्रधान राज्यों को उनके हाल पर छोड़ दिया गया है। चीमा ने आलोचना करते हुए कहा कि बजट में नारियल और चंदन जैसी फसलों का तो जिक्र है, लेकिन देश का पेट भरने वाले पंजाब के उन किसानों के लिए कुछ नहीं है जो पारंपरिक फसलों पर निर्भर हैं। उन्होंने इसे केंद्र के भेदभावपूर्ण रवैये का जीता-जागता प्रमाण बताया।

एमएसपी और फसल विविधीकरण पर चुप्पी से नाराजगी

कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां और मंत्री लाल चंद कटारुचक ने भी बजट की कड़ी निंदा की है। कृषि मंत्री ने कहा कि बजट में गेहूं और धान के अलावा अन्य फसलों के लिए एमएसपी का कोई साफ विजन नहीं है। इसके अलावा, पंजाब में टिकाऊ खेती के लिए जरूरी फसल विविधीकरण (डाइवर्सिफिकेशन) हेतु किसी विशेष पैकेज का ऐलान नहीं किया गया। मंत्रियों का आरोप है कि बाढ़ प्रभावित किसानों को भी इस बजट में पूरी तरह भुला दिया गया है, जो केंद्र की किसान विरोधी मानसिकता को उजागर करता है।

पंजाब के साथ सौतेली मां जैसा व्यवहार: अमन अरोड़ा

कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने केंद्र पर पंजाब के साथ सौतेली मां जैसा बर्ताव करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि आजादी से लेकर खाद्य सुरक्षा तक पंजाब का ऐतिहासिक योगदान रहा है, लेकिन इसके बदले में राज्य को कोई बड़ा प्रोजेक्ट नहीं दिया गया। उन्होंने केंद्र से अपील की कि पंजाब को देश का अभिन्न अंग मानकर उसके साथ न्याय किया जाए। इसी तरह मंत्री कुलदीप सिंह धालीवाल और लालजीत सिंह भुल्लर ने भी कहा कि केंद्र सरकार पंजाब के फंड रोककर और उसकी जरूरतों को नजरअंदाज करके राज्य के विकास में बाधा डाल रही है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और आम जनमानस की उपेक्षा

मंत्री डॉ. रवजोत और ‘आप’ के वरिष्ठ नेता नील गर्ग ने बजट को आम आदमी के लिए एक बड़ा झटका बताया है। डॉ. रवजोत ने कहा कि स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे बुनियादी क्षेत्रों में पंजाब को कोई विशेष सहायता नहीं मिली है। वहीं नील गर्ग ने पंजाबी कहावत “पट्टिया पहाड़, निकल्या चूहा” का उदाहरण देते हुए कहा कि भारी-भरकम आंकड़ों के बावजूद असलियत में पंजाब के हाथ कुछ नहीं लगा। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट केवल बड़े कॉर्पोरेट घरानों के हितों की रक्षा करता है, जबकि महंगाई से जूझ रहे आम नागरिकों और रोजगार की तलाश कर रहे युवाओं को एक बार फिर जुमलों के सहारे छोड़ दिया गया है।

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