चंडीगढ़: छात्रों के प्रदर्शन और उन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेताओं ने केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता रणदीप सिंह सुरजेवाला और सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार की कार्रवाई पर कड़ा ऐतराज जताते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की है।
रणदीप सिंह सुरजेवाला के मुख्य प्रहार:
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सत्ता का अहंकार: सुरजेवाला ने कहा कि “सत्ता का अहंकार सरकारों को अंधा बना देता है।” उन्होंने सवाल उठाया कि यदि देश के युवा संसद आकर अपनी बात रखना चाहते हैं, तो क्या मोदी सरकार को उनकी आवाज नहीं सुननी चाहिए?
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‘लठतंत्र’ का आरोप: उन्होंने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि युवाओं पर लाठियां बरसाना और आंसू गैस के गोले छोड़ना प्रजातंत्र नहीं, बल्कि ‘लठतंत्र’ है। हालांकि, अब इस लठतंत्र का भय टूट चुका है।
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इस्तीफे की मांग और चेतावनी: सुरजेवाला ने मांग की कि सरकार तुरंत केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा ले और छात्रों की बात सुने। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि युवाओं की आवाज दबाई गई, तो देश की युवा शक्ति भाजपा के अहंकार को चकनाचूर कर देगी।
सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा का बयान:
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संसद की खामोशी पर सवाल: दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि जब सड़कों पर जुल्म की लाठियां बरस रही हों, तब संसद खामोश नहीं बैठ सकती।
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संसद में आवाज दबाने का आरोप: हुड्डा ने आरोप लगाया कि जब उन्होंने और उनके साथी सांसदों ने संसद में छात्रों का मुद्दा उठाया, तो नियमों का हवाला देकर उन्हें टीवी स्क्रीन से बाहर (ब्लैकआउट) कर दिया गया।
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लोकतंत्र और युवाओं की आवाज: उन्होंने सवाल किया कि अगर लोकतंत्र में देश के युवाओं की ‘लोक-आवाज’ लोकसभा में ही नहीं गूंजेगी, तो फिर कहां उठाई जाएगी?


